गेवरा विस्तार परियोजना:ड्रोन सर्वे के बाद रलिया, भिलाई बाजार व मुढ़ियानार में नए निर्माण पर रोक

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा विस्तार परियोजना के तहत अधिग्रहित ग्राम रिलिया, मिलाईबाजार एवं मुढ़ियानार में ड्रोन सर्वे पूर्ण होने के बाद अब नए निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में एसईसीएल गेवरा क्षेत्र प्रबंधन ने संबंधित ग्राम पंचायतों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।

जारी पत्र में बताया गया है कि गेवरा विस्तार परियोजना के अंतर्गत उक्त ग्रामों का भूमि अर्जन कोल माइंस (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम, 1957 के तहत किया जा रहा है।

परियोजना के तहत परिस्थितियों का आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे कराया गया, जो मिलाईबाजार एवं मुढ़ियानार में 17 नवंबर 2025 तथा ग्राम रिलिया में 8 दिसंबर 2025 को संपन्न हो चुका है। ड्रोन सर्वे पूर्ण होने की सूचना कलेक्टर कोरबा को भी दे दी गई है।

एसईसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ड्रोन सर्वे के बाद किए जाने वाले किसी भी प्रकार के नव निर्माण का मूल्यांकन शून्य माना जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित भू-धारकों की होगी। ऐसे निर्माण के लिए कंपनी या प्रशासन किसी प्रकार का मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं होगा।

पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायतों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को नए निर्माण कार्य न करने के लिए समझाइश दें तथा इस पर प्रभावी रूप से रोक लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। परियोजना प्रबंधन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा।

एसईसीएल के इस निर्देश के बाद प्रभावित गांवों में नए निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है, वहीं ग्रामीणों के बीच भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।