कूप कटाई कार्य में बाधा और लूटपाट पर 50 ग्रामीणों के खिलाफ FIR, जान से मारने की धमकी का आरोप

कोरबा-करतला। वन विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए प्रारंभ किए गए कूप विदोहन कार्य में गंभीर व्यवधान उत्पन्न करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए लूटपाट कर कार्य बंद कराए जाने पर पुलिस ने नामजद सहित 40 से 50 अन्य ग्रामीणों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 अक्टूबर 2025 को वनमंडल कार्यालय कोरबा में वनमंडलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत उपवनमंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा के मार्गदर्शन में 23 अक्टूबर 2025 से वन परिक्षेत्र पसरखेत अंतर्गत कोल्गा, पसरखेत एवं बताती क्षेत्र में कूप विदोहन का कार्य नियमानुसार संचालित किया जा रहा था।

इसी दौरान 9 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे लगभग 40 से 50 महिलाओं और ग्रामीणों ने कूप विदोहन क्षेत्र में पहुंचकर जबरन कार्य बंद करा दिया। आरोप है कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा श्रमिकों के साथ गाली-गलौच की गई तथा टांगा, आरा, कटिंग मशीन, फावड़ा, सब्बल, जनरेटर मशीन सहित अन्य सामग्री और छोटा हाथी वाहन में लोड सामान की लूटपाट कर ली गई। इसके साथ ही दोबारा काम करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

वन विभाग का आरोप है कि ग्रामीणों द्वारा काष्ठ परिवहन में लगे ट्रकों के चालकों और भराई-उतराई कार्य कर रहे श्रमिकों को भी डराकर भगा दिया गया। बताया गया कि वर्ष 2024-25 से ही इस कार्य में लगातार बाधा डाली जा रही थी। कई बैठकों में कूप कटाई पर सहमति भी बनी, लेकिन 5 दिसंबर को ग्राम कोल्गा के ग्रामीणों और महिलाओं ने एकपक्षीय निर्णय लेकर कूप विदोहन कार्य का विरोध करते हुए विभाग को लिखित सूचना दी थी।

रेंजर ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों के बहकावे में आकर ग्रामीण शासकीय कार्य में निरंतर व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है।

इस मामले में गुलाब सिंह गोंड की रिपोर्ट पर धीरेंद्र दास महंत, चंद्रशेखर राठिया, सूर्य कुमार, नंदलाल राठिया, गंगाराम, लक्ष्मण सिंह, विवेकानंद, जगर सिंह, जानकी बाई सहित अन्य महिला-पुरुषों एवं 40-50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 221, 296, 304(2), 351(3) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।