डॉ. प्रीति जायसवाल को मिली पीएचडी की उपाधि,वृद्धजनों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर किया शोध

कोरबा। कोरबा जिले के विशेष संदर्भ में वृद्धजनों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर शोध कार्य पूर्ण कर डाॅ प्रीति जायसवाल ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने यह शोध भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ स्नेह कुमार मेश्राम के मार्गदर्शन में संपन्न किया।

डाॅ प्रीति जायसवाल ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने पति दिलेन्द्र कुमार जायसवाल, परिवारजनों एवं मित्रों को दिया है, जिनके सहयोग और प्रोत्साहन से यह शोध कार्य सफल हो सका।

अपने शोध में डाॅ प्रीति ने उल्लेख किया है कि वृद्ध महिलाओं में सामाजिक सहभागिता की प्रवृत्ति अधिक होती है। वे स्वयं को परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बीच सक्रिय रखकर मानसिक रूप से संतुलित और प्रसन्न रहती हैं।

वहीं,अधिकांश वृद्ध पुरुष सामाजिक कौशल के अभाव में अकेलेपन और चिंताओं से घिरकर मानसिक परेशानी का सामना करते हैं।

गौरतलब है कि डाॅ प्रीति जायसवाल ने सात वर्षों तक कमला नेहरू महाविद्यालय, कोरबा तथा उसके बाद अग्रसेन महाविद्यालय में अतिथि प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दी हैं।

उनकी यह शोध उपलब्धि समाज में वृद्धजनों की स्थिति को समझने और उनके लिए नीतिगत सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।