यात्री बसों में नियमों की खुलेआम धज्जियां, ओवरलोडिंग और छतों पर पार्सल ढुलाई पर परिवहन विभाग मौन

कोरबा। यात्री बसों के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। संवाददाता द्वारा मौके पर की गई पड़ताल में यह तथ्य उजागर हुआ कि बसों की छतों पर बिना किसी जांच के पार्सल लादे जा रहे हैं, वहीं बसों के अंदर निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इन सबके बावजूद जिम्मेदार विभाग की कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही।

यात्री बसों की जांच की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है।

नियमानुसार फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा सरप्राइज चेकिंग कर यात्रियों और सामान की जांच की जानी चाहिए। नियम उल्लंघन पर ड्राइवर, कंडक्टर और बस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है,लेकिन जमीनी हकीकत इससे पूरी तरह उलट दिखाई दे रही है।

बस संचालकों की मनमानी से यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। ओवरलोडिंग और छत पर भारी पार्सल लादने से बसों का संतुलन बिगड़ने का जोखिम रहता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से उनकी जान जोखिम में पड़ रही है, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।

परिवहन विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम उठता नहीं दिख रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही सख्ती नहीं बरती गई तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।