दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीम की सराहनीय पहल: पहाड़ी कोरवा एवं पंडो बस्तियों में स्केबीज़ के मरीजों का इलाज

कोरबा। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं पंडो समुदाय, जिन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र के रूप में जाना जाता है, की बस्तियों में खुजली (स्केबीज़) के व्यापक प्रकोप की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम, जिसमें मुख्य रूप से एल.आर. गौतम एवं श्रीमती आर.बी. गौतम शामिल थे, तथा उप स्वास्थ्य केंद्र देवपहरी के मधुसूदन यादव ने खंड चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में सोनारी एवं जामभाठा गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।

इस शिविर में कुल 42 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें अधिकांश स्केबीज़ रोग से पीड़ित थे। यह संक्रामक त्वचा रोग दुर्गम क्षेत्रों में स्वच्छता की कमी के कारण तेजी से फैल रहा था। स्वास्थ्य टीम ने मरीजों को आवश्यक दवाइयां वितरित कीं और रोग के प्रसार को रोकने के लिए स्वच्छता, परहेज एवं व्यक्तिगत सफाई संबंधी महत्वपूर्ण सलाह दी।

साथ ही,मौसमी बीमारियों से बचाव, सर्दी से सुरक्षा और संतुलित आहार पर जोर देते हुए जागरूकता फैलाई।

यह पहल जनजातीय बहुल एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य टीम की इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की भरपूर सराहना की।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए ऐसे शिविरों का आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा।

यह प्रयास छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।