चंगाई सभा में बीमारियों को ठीक करने के दावों से मचा हंगामा, पास्टर पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज

कोरबा। कटघोरा थाना क्षेत्र के सुतर्रा गांव में एक खेत में आयोजित चंगाई सभा (प्रार्थना सभा) के दौरान बीमारियों को ठीक करने के बड़े-बड़े दावों और कथित प्रलोभन से विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि इस सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा रही थी, जिसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद मामला थाने पहुंचा।

पास्टर बजरंग जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस सभा में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।

आयोजकों द्वारा किसी भी तरह की बीमारी ठीक करने के दावे किए जा रहे थे, जिसे अंधविश्वास बताते हुए गांव की सरपंच संतोषी बाई ने शिकायत की। शिकायत मिलते ही बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। उन्होंने आयोजकों पर विज्ञान के युग में अंधविश्वास फैलाने और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्ष कटघोरा थाने पहुंचे। हिंदू संगठनों ने पास्टर जायसवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने बताया कि सरपंच की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 (धार्मिक भावनाएं भड़काने) के तहत पास्टर बजरंग जायसवाल सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। आगे की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात हो कि पास्टर बजरंग जायसवाल पर इससे पहले भी इसी तरह की चंगाई सभा आयोजित करने के आरोप लग चुके हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और गांव में शांति बनी हुई है।