मलगांव फेस की ब्लास्टिंग से हरदीबाजार में ‘दिन में अंधेरा’, धूल-बारूद से ग्रामीणों का जीना दुश्वार

कोरबा । दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र स्थित मलगांव फेस ओपनकास्ट कोयला खदान में हो रही भारी ब्लास्टिंग का असर अब हरदीबाजार गांव के लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना दोपहर करीब 2 बजे होने वाली ब्लास्टिंग के बाद इतना धूल और बारूद हवा में घुल जाता है कि दिन के उजाले में भी अंधेरे जैसा माहौल बन जाता है।

मंगलवार को भी ब्लास्टिंग के बाद उठा धूल का गुबार कुछ ही मिनटों में पूरे गांव में फैल गया। धूल इतनी घनी थी कि कुछ देर के लिए सूरज की रोशनी धुंधली पड़ गई और विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। ठंड बढ़ने के साथ यह धूल हवा में और भी स्पष्ट दिखने लगी है।

ग्रामीणों ने बताया कि घरों की छतों, दीवारों, खिड़कियों और घरेलू सामानों पर कोयला धूल (कोल डस्ट) की मोटी परत जम चुकी है। कई मकानों में ब्लास्टिंग के झटकों से दरारें भी उभर आई हैं। लोगों का कहना है कि इस प्रदूषित हवा में सांस लेने से खांसी, दमा और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन SECL प्रबंधन इस स्थिति को नजरअंदाज कर रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दीपका एरिया प्रबंधन ने न तो धूल कम करने के लिए पानी छिड़काव बढ़ाया और न ही प्रभावितों की जांच के लिए कोई हेल्थ कैंप आयोजित किया। एक ग्रामीण ने कहा, “हमारी जिंदगी धूल और बारूद की भेंट चढ़ रही है, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।”

स्थानीय लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ब्लास्टिंग और प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की है।