माशिमं बोर्ड ने बदला 10वीं-12वीं का प्रश्नपत्र पैटर्न, अब 15 ऑब्जेक्टिव प्रश्न अनिवार्य, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र के स्वरूप में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड का दावा है कि नया पैटर्न छात्रों को JEE, NEET जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगा।

माशिमं सचिव प्रो. पुष्पा साहू ने बताया कि नए पैटर्न में ऑब्जेक्टिव (बहुविकल्पीय) प्रश्नों की संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है, प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा, यानी कुल 15 अंक ऑब्जेक्टिव होंगे।

प्रश्नपत्र अब छात्रों की विभिन्न मानसिक क्षमताओं के आधार पर तैयार किए जाएंगे:
ज्ञानात्मक – 20%
अवबोधात्मक – 25%
अनुप्रयोगात्मक – 25%
विश्लेषणात्मक – 10%
मूल्यांकन – 10%
रचनात्मक – 10%

लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में भी बदलाव किया गया है:
लघु उत्तरीय-1 → 3 प्रश्न × 2 अंक = 6 अंक
लघु उत्तरीय-2 → 3 प्रश्न × 6 अंक (कुल 18 अंक)
दीर्घ उत्तरीय → 4 प्रश्न × 5 अंक = 20 अंक
दीर्घ उत्तरीय-2 → 2 प्रश्न × 5 अंक = 10 अंक
अति दीर्घ उत्तरीय → 1 प्रश्न × 6 अंक = 6 अंक

बोर्ड सचिव ने कहा, “नया पैटर्न छात्रों की विश्लेषण क्षमता, तर्कशक्ति और कॉन्सेप्टुअल समझ को मजबूत करेगा। इससे बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ JEE, NEET, CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।”

यह नया पैटर्न 2025-26 सत्र की मुख्य परीक्षा से लागू होगा। बोर्ड जल्द ही सभी विषयों के नए मॉडल पेपर और ब्लूप्रिंट अपनी वेबसाइट पर जारी करेगा।