SECL कर्मचारी पर ठगी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप: फर्जी पहचान से नौकरी, पीड़िता ने आत्मदाह की धमकी दी   

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कर्मचारी दीनदयाल गुप्ता पर ठगी और यौन उत्पीड़न के संगीन आरोप लगे हैं। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह आईजी ऑफिस के सामने आत्मदाह कर लेगी।इस बयान ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

पीड़िता के दावों के अनुसार, दीनदयाल ने न केवल यौन उत्पीड़न किया, बल्कि नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी पिता का नाम इस्तेमाल किया था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन FIR दर्ज होने के कई दिनों बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं।

फर्जी पहचान का नया खुलासा: पिता का नाम ‘समारू’ बताकर SECL में घुसपैठपीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और ग्राम चैनपुर (दीपका) के villagers से मिली जानकारी के आधार पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

दीनदयाल गुप्ता ने SECL में नौकरी पाने के लिए अपने पिता का नाम ‘समारू’ बताया था। लेकिन वास्तविकता में, ग्राम चैनपुर दीपका निवासी समारू के तीन ही पुत्र हैं गेंदराम, संतराम और बहोरन। पीड़िता ने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज पेश किए हैं, जिनमें इन तीनों भाइयों का एक ही आधार नंबर श्रेणी और समान पता दर्ज है।

इससे साफ है कि समारू एक ही व्यक्ति हैं और उनके केवल तीन बेटे हैं।ग्राम चैनपुर के गेंदराम ने अपना बयान दर्ज कराया है: “मेरे पिता समारू के तीन ही बेटे हैं मैं, संतराम और बहोरन। दीनदयाल गुप्ता का नाम कहीं फिट नहीं बैठता।” यह खुलासा दीनदयाल पर नौकरी के लिए धोखाधड़ी का आरोप लगाता है।

पीड़िता का दावा है कि आरोपी उसी फर्जी पहचान का दुरुपयोग कर रहा है, जिससे वह अपराधों को अंजाम दे सका।

पीड़िता का दर्दभरा वीडियो: आत्मदाह की धमकी से प्रशासन में खलबलीसोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पीड़िता ने रोते हुए कहा, “अगर एक सप्ताह के भीतर दीनदयाल गुप्ता को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो मैं आईजी ऑफिस के सामने आत्मदाह कर लूंगी।” इस वीडियो ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रशासन में हंगामा मचा दिया है।

पीड़िता ने आगे आरोप लगाया कि दीनदयाल और उसके बेटे की कॉल डिटेल निकलवाने पर कई पुलिसकर्मियों की मिलीभगत सामने आ जाएगी। “कॉल हिस्ट्री से राज खुल जाएगा कि कैसे उन्होंने मुझे फंसाया,” उन्होंने कहा। इस दावे से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस का रुख: सख्ती का वादा, लेकिन गिरफ्तारी में देरी पर सवालपुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी ने मीडिया को बताया, “महिला संबंधी अपराधों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साठ दिनों का समय है, लेकिन जल्द से जल्द कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”

हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं “FIR दर्ज हुए कई दिन बीत चुके हैं, फिर आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?” पुलिस ने पीड़िता के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस अपडेट नहीं आया है।

उठते सवाल: SECL की भर्ती प्रक्रिया पर संदेहइस मामले से कई सवाल खड़े हो गए हैं:क्या दीनदयाल गुप्ता ने नौकरी पाने के लिए फर्जी पिता का नाम उपयोग किया?SECL की सेवा पुस्तिका (Service Book) में भी यही विवरण दर्ज है या जांच में फर्जीवाड़ा सामने आएगा?कॉल डिटेल्स से पुलिसकर्मियों की संलिप्तता साबित होने पर क्या कार्रवाई होगी?SECL प्रबंधन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन मामला गरमा रहा है।

पीड़िता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संगठन भी सतर्क हो गए हैं। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत अपराध का मामला लगता है, बल्कि सरकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।