15 हाथियों का आतंक: साजापानी-काशीपानी के गांवों में दहशत, ड्रोन से निगरानी, फसलें बर्बाद

कोरबा।जिले के करतला विकासखंड में एक बार फिर हाथियों के झुंड ने दहशत फैला दी है। साजापानी, काशीपानी, लबेद और छातापाठ क्षेत्र के जंगल में करीब 15 हाथियों का झुंड (जिसमें कई बच्चे भी शामिल हैं) पिछले कई दिनों से विचरण कर रहा है। गांव के काफी करीब पहुंच चुके इन गजराजों की वजह से ग्रामीण खौफ के साए में जी रहे हैं।

हाथियों के आने की सूचना मिलते ही वन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम मौके पर डेरा डाले हुए है और ड्रोन कैमरे की मदद से हाथियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही हाथी गांव की तरफ बढ़ते हैं, टीम पटाखे, मशाल और हूटिंग कर उन्हें वापस जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास करती है।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने कई किसानों की तैयार धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया है। धान कटाई का मौसम चल रहा है, लेकिन जंगल से सटे खेतों में जाने से लोग डर रहे हैं। कई किसान रात में भी खेतों की निगरानी करने से कतरा रहे हैं।

वन विभाग ने सभी गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी करवाई है और ग्रामीणों से अपील की है कि:

रात में अकेले जंगल या खेत की ओर न जाएं

हाथियों को देखकर उत्साहित होकर उनके पास न जाएं या फोटो न खींचें

हाथियों की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें

वन विभाग के रेंजर ने बताया कि हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

आने वाले दिनों में हाथियों के झुंड को लेमरू रिजर्व की ओर सुरक्षित ले जाने की योजना बनाई जा रही है।

फिलहाल कोरबा के करतला क्षेत्र में गजराज की दहशत बरकरार है और ग्रामीण दिन-रात दहशत में जीने को मजबूर हैं।