अवैध शराब के खिलाफ मांगामार की नारी शक्ति का बिगुल: पंचायत में लिए कड़े फैसले, शराब बनाने–बेचने पर 50 हजार और पीने पर 20 हजार जुर्माना

कोरबा- पाली। पाली विकासखंड के मांगामार गांव में अवैध शराबखोरी के खिलाफ नारी शक्ति एकजुट होकर खड़ी हो गई है। गांव में फैली शराब की समस्या से त्रस्त महिलाओं ने अब निर्णायक लड़ाई का ऐलान करते हुए पंचायत की बैठक में कड़े नियम और भारी आर्थिक दंड लागू कर दिया है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि गांव में न शराब बनाने दी जाएगी, न बेची जाएगी और न ही कोई शराब पी सकेगा।

महिलाओं ने निकाली रैली, लगाए जोरदार नारे

सरपंच छत्रपाल सिंह राज की अगुवाई में पूर्व सरपंच सतीबाई, विमल देवी राज, वार्ड पंच सुशीला महंत, जलमति, सम्मतबाई, बेदकुमार, सविता, मनित बाई, रूखमणी सहित सैकड़ों महिलाओं ने रैली निकालकर जागरूकता संदेश दिए।

“जागो युवा–जागो नारी, खत्म करो शराब की बीमारी”,
“गांव की रक्षा कौन करेगा – हम करेंगे, हम करेंगे”
जैसे नारों से पूरा गांव गुंजायमान रहा।

शराब बनाने–बेचने पर 50 हजार और पीने पर 20 हजार जुर्माना

पंचायत बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया

शराब बनाने या बेचने वालों पर ₹50,000 का आर्थिक दंड

शराब पीने वालों पर ₹20,000 का दंड

नशे में लिप्त लोगों के लिए सरकारी राशन वितरण रोकने का निर्णय

गांव में शराब बनाने या बेचने की जानकारी पर तुरंत पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया।

अवैध शराब से बिगड़ रही सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था

महिलाओं ने बताया कि गांव के सभी पारा मांगामार, झिगरबाड़ी, गांगपुर, भदरापारा, डोरकट्टा, शांतिनगर, मांझीपारा, दादर, बिरहोरपारा और ललमटिया पारा में महुआ शराब का गैरकानूनी उत्पादन और बिक्री से शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है

परिवारों में कलह बढ़ रहा है।

किशोर और युवा वर्ग नशे की चपेट में आ रहे हैं।

स्कूली बच्चे चोरी जैसे अपराधों की ओर बढ़ रहे हैं।

महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

शराब पीने आने वाले बाहरी लोग भी ग्रामीणों के लिए परेशानियों का कारण बन रहे हैं।

पुलिस को सौंपा हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन

सैकड़ों महिलाओं ने दीपका थाना पहुंचकर अवैध शराब के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए हस्ताक्षरमय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अनुरोध किया कि गांव को शराबमुक्त बनाने में पुलिस सहयोग करे।

बुजुर्गों और ग्रामीणों का समर्थन

गांव के बुजुर्गों ने नारी शक्ति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य सुधारने के लिए शराबबंदी अनिवार्य है। गांव के पुरुष, युवा और बुजुर्गों ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।

मांगामार की नारी शक्ति द्वारा शराब विरोधी यह सामूहिक पहल सामाजिक सुधार की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।