लोको पायलटों ने 48 घंटे भूख हड़ताल खत्म की, संघर्ष जारी रखने का ऐलान

भत्ता 25% बढ़ाओ, हफ्ते में 2 दिन छुट्टी दो, स्टाफ भर्ती

कोरबा।ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के आह्वान पर कोरबा के लोको पायलटों ने 48 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल बुधवार देर रात समाप्त कर दी और ट्रेनों की पॉइंट्स ड्यूटी पर लौट गए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन किसी भी रूप में जारी रहेगा।

पायलटों का कहना है कि केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों में 25% बढ़ोतरी कर दी, लेकिन रनिंग स्टाफ को इससे वंचित रखा गया है। स्टाफ की भारी कमी और लगातार लंबी ड्यूटी के कारण न तो पर्याप्त नींद मिल पा रही है और न साप्ताहिक अवकाश, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है।

मुख्य मांगें:
01 जनवरी 2024 से किलोमीटर भत्ता व टीए में 25% बढ़ोतरी तथा एरियर का तत्काल भुगतान

किलोमीटर भत्ते के 70% हिस्से पर आयकर छूट और 10 हजार की सीमा खत्म करना

साप्ताहिक 46 घंटे तयशुदा आराम (यानी हफ्ते में 2 दिन छुट्टी)

एक ड्यूटी का अधिकतम समय 8 घंटे निर्धारित करना

सभी लोकोमोटिव में शौचालय की सुविधा, खासकर महिला पायलटों के लिए

दुर्घटना होने पर सीधे “रिमूवल फ्रॉम सर्विस” की सजा समाप्त करना

बिलासपुर डिवीजन में 4500 रनिंग स्टाफ की कमी को तुरंत पूरा करना

कोरबा लॉबी की विभिन्न साइडिंग ट्रिप माइलेज की लंबित विसंगतियां दूर करना

बिलासपुर संभाग में शीघ्र कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाना

हड़ताल खत्म करते हुए लोको पायलटों ने कहा, “हम रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा के लिए काम पर लौट रहे हैं, लेकिन हमारी जायज मांगों को अनदेखा किया गया तो अगला आंदोलन और बड़ा होगा।” सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन बिलासपुर मंडल रेल प्रबंधक को सौंपा गया है।