बाल विवाह मुक्त भारत: कोरबा में 100 दिन का गहन जागरूकता अभियान शुरू, 8 मार्च 2026 तक चलेगा महाअभियान

कोरबा।केंद्र सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के एक साल पूरे होने पर कोरबा जिले में 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान शुरू हो गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा नई दिल्ली से शुरू किए गए इस विशेष अभियान को कोरबा में हॉलिस्टिक एक्शन एंड रिसर्च ग्रुप (HARG) के नेतृत्व में सभी सरकारी विभागों के साथ मिलकर लागू किया जा रहा है।

अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है:

पहला चरण (दिसंबर-जनवरी): स्कूल, कॉलेज और सभी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अभिभावकों के बीच व्यापक जागरूकता।

दूसरा चरण (जनवरी-फरवरी): मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बैंक्वेट हॉल, बैंड-बाजा वालों, हलवाइयों और कैटरर्स जैसे विवाह-सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह रोकने के लिए जिम्मेदार बनाना।

तीसरा चरण (फरवरी-मार्च): ग्राम पंचायतों, नगर पालिका वार्डों और सामुदायिक स्तर पर स्थायी निगरानी तंत्र विकसित करना।

अभियान का समापन 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा।

जिला प्रशासन ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, पंचायत सचिवों और धार्मिक नेताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।

बाल विवाह की सूचना देने वालों की गोपनीयता बनाए रखने के साथ चाइल्डलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि कोरबा को जल्द से जल्द “बाल विवाह मुक्त जिला” घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।