विश्व एड्स दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अनूठी पहल, भेदभाव के खिलाफ कानूनी जागरूकता अभियान चलाया

“मेरा स्वास्थ्य–मेरा अधिकार” थीम के तहत एचआईवी/एड्स पीड़ितों को कानूनी सुरक्षा और सम्मान पर जोर

कोरबा।छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के स्टेट प्लान ऑफ एक्शन तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय एड्स दिवस पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम स्व. बिसाहू दास महंत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय तथा जिला चिकित्सालय, कोरबा में आयोजित हुआ। इस वर्ष की थीम “मेरा स्वास्थ्य – मेरा अधिकार” के अंतर्गत एचआईवी/एड्स से प्रभावित सभी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं और कानूनी सुरक्षा के दायरे में लाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में भेदभाव-मुक्त वातावरण का निर्माण, एचआईवी/एड्स पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और सकारात्मक जागरूकता फैलाना था।

चिकित्सा महाविद्यालय की ओर से सहायक अधिष्ठाता डॉ. रविकांत जाटवर के निर्देशन में मौजूद चिकित्सकों ने एचआईवी/एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी साझा की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा की ओर से पैरालीगल वालंटियर्स रमाकांत दूबे और गोपाल चंद्रा ने उपस्थित जनों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

एचआईवी/एड्स से जुड़े कानूनी प्रावधान

गोपनीयता एवं सम्मान का अधिकार

नि:शुल्क कानूनी सहायता योजनाएँ

भेदभाव निवारण कानून के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

पीएलवी टीम ने बताया कि“एचआईवी/एड्स पीड़ित व्यक्ति को समान उपचार, गरिमा, गोपनीयता और कानूनी सुरक्षा का पूर्ण अधिकार है। किसी भी प्रकार का भेदभाव कानूनन दंडनीय है।”

लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन, नि:शुल्क कानूनी सहायता और उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।

मेडिकल कॉलेज व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि कानूनी जागरूकता, एचआईवी/एड्स से जुड़े भ्रमों और सामाजिक भेदभाव को दूर करने में एक प्रभावी हथियार है।

इस जागरूकता कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएँ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।