पिकनिक का नया ट्रेंड: अब सिर्फ वन भोज नहीं, प्रकृति को जानने-समझने का अभियान

विद्यार्थी और प्रकृति प्रेमी जंगलों में बायोडायवर्सिटी सीख रहे, वनस्पतियों के महत्व और संरक्षण की मिल रही गहराई से जानकारी

कोरबा। शीत ऋतु में तापमान के नरम तेवरों के साथ कोरबा जिले में पिकनिक सीजन की शुरुआत हो चुकी है। विभिन्न दर्शनीय स्थलों और पिकनिक स्पॉट्स पर सैलानियों की आवाजाही बढ़ गई है। इसी बीच जिले में वन भोज के साथ प्रकृति को समझने का एक नया कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

इस नवीन पहल के अंतर्गत लोग केवल भोजन बनाने या पिकनिक मनाने तक सीमित नहीं रह रहे, बल्कि प्रकृति को करीब से जानने, पर्यावरण की संरचना को समझने, तथा बायोडायवर्सिटी की गहराई के बारे में अध्ययन भी कर रहे हैं।

कार्यक्रमों में शामिल विद्यार्थियों को वनस्पतियों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और मानव जीवन में प्रकृति की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। आयोजनकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के प्रयास युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।