कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के किसान-हितैषी दृष्टिकोण का सुखद असर अब कोरबा जिले के उपार्जन केंद्रों में साफ दिख रहा है। इस बार धान खरीदी व्यवस्था को इतना सुगम और पारदर्शी बनाया गया है कि किसान मुस्कुराते हुए अपना धान बेचकर लौट रहे हैं।
जिले के अरदा गांव के किसान कृष्ण कुमार सिंह इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। एक एकड़ से अधिक खेत में मेहनत कर उन्होंने 12 क्विंटल 80 किलो धान पैदा किया और छुरी सहकारी समिति उपार्जन केंद्र में बेचने पहुँचे।
श्री सिंह ने बताया कि “तुहर टोकन” ऐप के जरिए घर बैठे ही तारीख और समय का टोकन ले लिया। न लाइन लगानी पड़ी, न धक्के खाने पड़े।
निर्धारित समय पर केंद्र पहुँचे तो तुलाई, गुणवत्ता जाँच, वजन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा, “पहले दिन भर लाइन में खड़े रहते थे, इस बार तो आराम से धान बेचकर घर लौट आए। सरकार ने सचमुच किसानों का दर्द समझा है।”
छुरीकला सहित जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी यही स्थिति है। अधिकारी और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं, जिससे किसानों को न तो बारिश-धूप का सामना करना पड़ रहा है और न ही अनावश्यक देरी। किसानों का कहना है कि इस बार की व्यवस्था पिछले कई वर्षों में सबसे सुविधाजनक और विश्वसनीय साबित हो रही है।
Editor – Niraj Jaiswal
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