जामपानी की महिलाओं ने दिखाया आत्मनिर्भरता का दम, रोजाना 300 किलो काजू की प्रोसेसिंग, 1100 रुपये किलो तक मिल रहा दाम

कोरबा।जिले के छोटे से गांव जामपानी में महामाया महिला स्व-सहायता समूह ने काजू प्रोसेसिंग यूनिट के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।

कुछ साल पहले शुरू हुई इस यूनिट में अब बड़ी मशीन लगने से रोजाना 200 से 300 किलोग्राम (2-3 क्विंटल) काजू की प्रोसेसिंग हो रही है। तीन ग्रेड में तैयार काजू को बाजार में 1100 रुपये प्रति किलो तक का अच्छा दाम मिल रहा है।

यूनिट के प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि लक्ष्य प्रतिदिन 6 क्विंटल प्रोसेसिंग का है, लेकिन फिलहाल आधी क्षमता पर ही काम चल रहा है। कोरबा जिले में यह फूड प्रोसेसिंग की दिशा में पहला सफल कदम माना जा रहा है।

ग्रामीण महिलाओं के इस प्रयास से न सिर्फ रोजगार बढ़ा है, बल्कि गांव की आर्थिक तस्वीर भी बदल रही है।