“गीले-सूखे कचरे का सही निपटान बेहद जरूरी” – राज्य सलाहकार मोनिका सिंह, पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण

कोरबा (पोड़ी-उपरोड़ा)। घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का पृथकीकरण और उसका वैज्ञानिक निपटान स्वच्छता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह बात राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राज्य सलाहकार एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी श्रीमती मोनिका सिंह ने 25 नवंबर को अपने निरीक्षण दौरे के दौरान कही।

उन्होंने पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम कर्रा (सिंघिया), कापुबहरा, गुडरुमुडा, बांझीबन और दर्राभांठा का भ्रमण कर स्वच्छाग्रहियों और ग्रामीणों से मुलाकात की। कचरा संग्रहण की प्रक्रिया, गीले कचरे से खाद निर्माण और सूखे कचरे के पृथकीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया और स्वच्छाग्रहियों का उत्साहवर्धन किया।

ग्रामों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण करते हुए श्रीमती सिंह ने उनके नियमित उपयोग और रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शौचालय के साथ निर्मित दुकानों को जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए, ताकि शौचालय का संचालन बेहतर ढंग से हो सके।

उन्होंने कहा कि कचरे का सही उपयोग ही कचरा समाप्त करने का तरीका है। सूखे कचरे को जलाने या जमीन में दबाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। विशेष रूप से प्लास्टिक जलाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी पोड़ी-उपरोड़ा जय प्रकाश डड़सेना, सीईओ कटघोरा यशपाल सिंह, जिला समन्वयक विमल धीरहि, जिला सलाहकार दीप सरकार, कार्यक्रम अधिकारी दिलीप मेहता सहित विभिन्न पंचायतों के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, स्वच्छाग्रही, स्व-सहायता समूह की सदस्याएँ और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।