एनटीपीसी सीएसआर की ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी, जलकुंभी से बना रहीं उपयोगी उत्पाद

कोरबा। एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर अंतर्गत संचालित वेस्ट टू वेल्थ पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का नया अवसर बनकर उभर रही है।

स्वच्छतापुकारे फाउंडेशन द्वारा क्रियान्वित यह कार्यक्रम चारपारा कोहड़िया सामुदायिक भवन में पिछले सात महीनों से लगातार संचालित किया जा रहा है।

निरंजली स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को जलकुंभी (Water Hyacinth) से विभिन्न उपयोगी वस्तुएँ बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुरुआत में 50 महिलाएँ इस प्रशिक्षण से जुड़ी थीं। अभी भी महिलाएँ नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं और तैयार उत्पादों के माध्यम से प्रति माह 2000 से 2500 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

जलकुंभी, जिसे अक्सर व्यर्थ समझा जाता है, नदी-तालाब से निकालकर इन महिलाओं द्वारा सुंदर और उपयोगी उत्पादों में बदला जा रहा है। इससे न केवल जलाशयों में फैला वेस्ट सामग्री हट रही है, बल्कि जल स्रोतों को स्वच्छ बनाने में भी मदद मिल रही है।

प्रशिक्षण में तैयार किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद:

डायरी कवर

फाइल कवर

ट्रायंगल पेन स्टैंड

फोर पेन स्टैंड

फाइव पेन स्टैंड

स्लिप बॉक्स

कोस्टर सेट

छोटा ज्वेलरी बॉक्स

बड़ा ज्वेलरी बॉक्स

फोटो फ्रेम

यह प्रशिक्षण महिलाओं के कौशल विकास, आय सृजन और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। स्थानीय समुदाय ने एनटीपीसी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बताया है।