कोरबा। मोबाइल पर बातचीत के जरिए नजदीक आई एक युवती को शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने का गंभीर मामला सामने आया है। गर्भ ठहरने के बाद युवक ने युवती को अपनाने का आश्वासन दिया, लेकिन प्रसव के ऐनवक्त पर उसने संबंध और बच्चे दोनों से पल्ला झाड़ लिया।
समय से पूर्व जन्मे नवजात ने तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
हरदीबाजार पुलिस चौकी क्षेत्र के एक परिवार से जुड़ी युवती का परिचय करीब चार साल पहले जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के डरगा बहरा निवासी अरविंद ओग्रे से हुआ था। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान परिजनों की गैर मौजूदगी में युवक ने युवती का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया था। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और धीरे-धीरे युवक चोरी-छिपे घर आकर शादी का झांसा देते हुए युवती का दैहिक शोषण करता रहा।
युवती गर्भवती हुई तो उसने यह खबर अरविंद को दी। युवक ने बच्चे को स्वीकारने और युवती को अपनाने का भरोसा दिया, जिससे पीड़िता आश्वस्त थी। लेकिन 19 नवंबर को सात माह की गर्भवती युवती को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर मामला नया मोड़ ले लिया। उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां पीड़िता ने युवक को सूचना दी तो उसने बच्चा अपना होने से इंकार कर दिया और युवती को भी ठुकरा दिया।
समयपूर्व जन्मे नवजात की स्थिति गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू में रेफर किया गया, जहां 24 नवंबर की रात करीब 2.30 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन से मेमो मिलने पर पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की, तब जाकर पूरा मामला उजागर हुआ। पुलिस ने मृत नवजात का पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि युवती के परिजन रिश्ते में बाधा न बनें, इसके लिए अरविंद उसे एक गोली देता था, जिसे वह परिजनों के खाने में मिलाकर देती थी। गोली खाने के बाद वे गहरी नींद में सो जाते थे। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी विश्व नारायण चौहान ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
Editor – Niraj Jaiswal
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