कोरबा रेलवे यार्ड में बड़ा हादसा: राहत वैन पर पेंट करते दो मजदूर ओएचई की चपेट में आए, बुरी तरह झुलसे

लोकल पेटी ठेकेदार को मिला था काम, चाचा-भतीजा बताए जा रहे दोनों घायल, हालत गंभीर; एम्बुलेंस तक नहीं मिली

कोरबा। रेलवे स्टेशन यार्ड में उस समय हड़कंप मच गया जब दुर्घटना राहत वैन (Accident Relief Van) पर पेंटिंग कर रहे दो मजदूर ओएचई (ओवर हेड इक्यूपमेंट) की चपेट में आ गए। हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। दोनों मजदूर इतनी बुरी तरह झुलस गए कि मुंह से लेकर पेट तक का हिस्सा जल गया। दोनों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

रेलवे के कैरेज एंड वैगन (C&W) विभाग ने राहत वैन की पेंटिंग का काम एक लोकल पेटी ठेकेदार को सौंपा था। ठेकेदार ने यह काम स्टेशन के पास बस्ती में रहने वाले दो युवकों (चाचा-भतीजा) को दे दिया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह भयावह हादसा हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही C&W के इंचार्ज SSE, RPF और अन्य रेलकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया। हैरानी की बात यह है कि रेलवे अस्पताल में नई एम्बुलेंस होने के बावजूद उसे नहीं बुलाया गया। दोनों को क्रू मेंबर को लाने-ले जाने वाली अनुबंधित जीप से ही अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार एक मजदूर की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि दूसरे की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। यार्ड में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि दोनों इतनी बुरी तरह झुलसे हैं कि बचने की संभावना बहुत कम है।

घटना के बाद रेलवे के आला अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। ठेकेदार की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं।