एसईसीएल ने बढ़ाया उत्पादन, पांच लाख टन प्रतिदिन का आंकड़ा पार

गेवरा और कुसमुंडा मिलकर बढ़ा रहे उत्पादन की रफ्तार

कोरबा । बरसात के कारण बाधित रहा एसईसीएल का कोयला उत्खनन अब पूरी रफ्तार में लौट आया है। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल ने कोरबा-पश्चिम क्षेत्र की मेगा परियोजनाओं में उत्पादन बढ़ाने के लिए तेज रणनीति अपनाई, जिसके नतीजे अब स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं। कंपनी ने प्रतिदिन पांच लाख टन से अधिक का उत्पादन पार कर लिया है, जो इस सीजन का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक पहले उत्पादन सिर्फ साढ़े तीन से चार लाख टन प्रतिदिन तक सीमित था, लेकिन अब यह लगातार पाँच लाख टन के ऊपर स्थिर है। इस बढ़त में गेवरा, कुसमुंडा और खासतौर पर दीपका मेगा परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

दीपका परियोजना के महाप्रबंधक संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि दीपका में प्रतिदिन एक लाख टन से अधिक कोयला उत्खनन दर्ज किया जा रहा है। भारी बारिश से बाधित हुए कार्यों को बड़े पैमाने पर पंपिंग, ओबी हटाने और मशीनरी संचालन में सुधार कर दोबारा गति दे दी गई है।

इसके साथ ही दीपका परियोजना के विस्तार कार्य में भी तेजी आई है। हरदीबाज़ार क्षेत्र में अब तक 200 से अधिक मकानों का सर्वे एवं मापन कार्य पूरा हो चुका है। विस्तार प्रक्रिया आगे बढ़ने से परियोजना की उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होने की संभावना है।

वहीं गेवरा में लगभग 1.50 लाख टन और कुसमुंडा परियोजना में एक लाख टन से अधिक प्रतिदिन उत्पादन दर्ज किया जा रहा है। इन तीनों परियोजनाओं का संयुक्त प्रयास एसईसीएल की कुल उत्पादन क्षमता को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।

हाल ही में एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने गेवरा और कुसमुंडा खदानों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मौसम साफ होते ही खदानों में युद्धस्तर पर शुरू की गई तैयारियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले सप्ताहों में एसईसीएल न सिर्फ अपने वार्षिक लक्ष्य को पूरा करेगा बल्कि उसे पार भी कर सकता है।