छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: 7.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, एमएसएमई कॉनक्लेव का वाणिज्य मंत्री ने किया शुभारंभ

रायपुर । छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को राजधानी रायपुर में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ एमएसएमई कॉनक्लेव का शुभारंभ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया।

कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति ने छत्तीसगढ़ में बेहतर और अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया है। नीति निर्माण के दौरान देश के अन्य राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन किया गया, ताकि निवेशकों को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को अब तक 7 लाख 75 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा  “यह छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत के लिए नए अध्याय की शुरुआत है। नए उद्योग लगेंगे तो लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।”

मंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में अनेक रियायतें प्रदान की गई हैं और उद्यमियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे उद्योग लगाने की प्रक्रिया सरल और तेज हो गई है।

इस अवसर पर उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (नई दिल्ली) की संचालक अंकिता पांडे, जो बस्तर जिले की निवासी हैं, इस कॉनक्लेव में शामिल होकर पूरे राज्य को गौरवान्वित कर रही हैं।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव से उद्यमियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। कॉनक्लेव में दिए गए सुझावों से राज्य में औद्योगिक वातावरण को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा देश के प्रमुख महानगरों में इनवेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे निवेशकों का रुझान और बढ़ा है।

एमएसएमई मंत्रालय की संचालक अंकिता पांडे ने कहा कि मंत्रालय देशभर में लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है। यह कॉनक्लेव उद्यमियों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में CII छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय जैन, उपाध्यक्ष बजरंग गोयल, तथा CII के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।