चोटिया टोल प्लाजा पर सांकेतिक धरना: स्थानीय कर्मचारियों ने लगाए कम वेतन व भेदभाव के आरोप

कोरबा। नेशनल हाईवे-130 के कोरबा जिले में चोटिया स्थित टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने भेदभाव का आरोप लगाकर बुधवार को सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने कम वेतन के साथ नियम विरूद्ध तरीके से काम लेने का आरोप लगाया है। वहीं टोल प्लाजा के ठेकेदार ने समस्या हल करने 2 दिन का समय मांगा है।

कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा सबडिवीजन में चोटिया में टोल प्लाजा संचालित हो रहा है जिसमें पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों को नियोजित किया गया है। टोल ठेकेदार के द्वारा स्थानीय और बाहर के कर्मचारी संबंधित व्यवस्था के लिए रखे गए हैं। ठेकेदार ने वेतन का निर्धारण इस तरह से किया है जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है।

चोटिया, बनिया और लमना क्षेत्र की युवतियां टोल प्लाजा में काम कर रही है, जिनका कहना है कि उन्हें काम के बदले केवल 8000 वेतन के रूप में दिए जा रहे हैं, जो कम है। जबकि बाहर से वास्ता रखने वाले कर्मचारियों को कंपनी लगभग 13000 रुपए तक वेतन का भुगतान और अन्य सुविधाएं दे रही है।

कर्मियों का आरोप है कि एम्बुलेंस और ऑन ड्यूटी पुलिस गाडिय़ों से भी टैक्स लेने व ओव्हर लोड गाडिय़ों से मनमाना शुल्क लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। इन बातों को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी, सरपंच राल लालबहादुर तंवर सहित कई बीडीसी मेंबर, सरपंच और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

प्रताडऩा की बात गलत
टोल प्लाजा के मैनेजर अवधेश सिंह ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा प्रताडि़त करने का आरोप गलत है। नियम से काम लिया जा रहा है। जहां तक वेतन को लेकर शिकायत है, कंपनी के हेड क्वाटर को बताया जाएगा। मानव संसाधन विभाग के प्रभारी यहां पहुंचकर मसले को हल करेंगे।