आकाशीय बिजली से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी

कोरबा। वर्षाकाल में आकाशीय बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आम नागरिकों के लिए जन-जागरूकता एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से मौसम खराब होने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी उपायों का पालन करने की अपील की है।

विभाग के अनुसार आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर इससे होने वाली जनहानि और गंभीर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। बादल गरजने या बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, जलाशय और पेड़ों के नीचे रुकने से बचना चाहिए।

ऐसे समय में तुरंत किसी पक्के भवन या बंद चारपहिया वाहन में सुरक्षित आश्रय लेना सबसे सुरक्षित माना जाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों से दूर रहें। धातु के कृषि उपकरण, लोहे की रॉड, तार अथवा अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर नहीं रहें। साथ ही मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाए, सिर नीचे रखें और अन्य लोगों से उचित दूरी बनाए रखें। इससे बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम हो सकता है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो उसे छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। प्रभावित व्यक्ति को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें। यदि श्वास या नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर देकर तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करें।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल में स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दें। विभाग ने कहा है कि “जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।”