प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने ग्रामों का भ्रमण कर जाना महत्वाकांक्षी योजनाओं की  जमीनी हकीकत

कोरबा।भारतीय प्रशासनिक सेवा के 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के तहत 12 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का दल 8 से 16 नवंबर तक कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययन भ्रमण पर है। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्राम्य जीवन की वास्तविक चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना है।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने जिला कलेक्टर अजीत वसंत से ब्रीफिंग प्राप्त की। कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति, इतिहास, संस्कृति, परंपराएं, धार्मिक एवं पर्यटन स्थल, साथ ही एनटीपीसी, बालको, एसईसीएल, कोल माइंस, पॉवर प्लांट और हसदेव बांध परियोजना जैसी औद्योगिक इकाइयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ग्राम भ्रमण के दौरान संकलन योग्य विषयों और सावधानियों पर भी मार्गदर्शन किया।

दो ग्राम पंचायतों का दौरा, ग्रामीणों से सीधा संवाद
अधिकारी दो दलों में विभाजित होकर ब्लॉक कोरबा की ग्राम पंचायत चाकामार और ब्लॉक पोड़ी-उपरोड़ा की ग्राम पंचायत पुटीपखना पहुंचे। यहां उन्होंने सरपंच, पंच, मितानिन, शिक्षक, स्थानीय अधिकारी और ग्रामीणों से संवाद कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की गहराई से पड़ताल की।

महत्वाकांक्षी योजनाओं पर फोकस                      प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी नरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल जीवन मिशन और डिजिटल पंचायत जैसी योजनाओं का जमीनी अध्ययन किया। हितग्राहियों से बातचीत कर योजनाओं के लाभ, कमियां और वास्तविक प्रभाव का फीडबैक लिया गया।

आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण
भ्रमण के दौरान पीएमश्री विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सड़क, नाली, सौर ऊर्जा व्यवस्था और बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाओं का जायजा लिया गया। ट्रांजिट वॉक के माध्यम से ग्राम के सामाजिक-आर्थिक ढांचे, संसाधनों और जनजीवन की विविधता को करीब से समझा गया।

यह भ्रमण प्रशिक्षु अधिकारियों को ग्रामीण भारत की जटिलताओं और विकास की वास्तविक तस्वीर से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है।