ब्रह्माकुमारीज में सड़क सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम

कोरबा।सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के बीच जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में अशोक वाटिका के पास स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रविवार को सड़क सुरक्षा और जागरूकता पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित किया गया, जिसमें यातायात विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की शुरुआत में यातायात थाना प्रभारी (टीआई) तेजकुमार यादव और सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) मनोज राठौर सहित उनकी टीम का ब्रह्माकुमारी परिवार द्वारा पारंपरिक स्वागत-सत्कार किया गया। टीआई यादव ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के पांच प्रमुख कारणों—बिना हेलमेट चलना, तीन सवारी करना, तेज गति, मोबाइल फोन पर बात करना और शराब सेवन के बाद वाहन चलाना—पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये लापरवाहियां ही ज्यादातर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, और इन्हें रोकने के लिए हर व्यक्ति को गंभीरता से नियमों का पालन करना चाहिए।

टीआई यादव ने ब्रह्माकुमारी संस्था की सराहना करते हुए कहा कि योग, ध्यान और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से यह संस्था न केवल व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़कर एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाने में योगदान दे रही है। उन्होंने अपील की कि सड़क सुरक्षा को भी आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अपनाएं—जैसे कि धैर्य और जागरूकता से वाहन चलाना, जो ध्यान की तरह ही मन को नियंत्रित रखता है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि सड़क सुरक्षा आज के दौर का सबसे आवश्यक विषय है। “सड़कों पर चलते समय ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन ही न केवल हमारी, बल्कि दूसरों की जिंदगी बचाने का माध्यम है,” एक वक्ता ने जोर देकर कहा। उन्होंने सीट बेल्ट और हेलमेट के उपयोग, गति सीमा का ध्यान रखने तथा नशे में गाड़ी न चलाने जैसे बुनियादी नियमों पर जोर दिया कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रदर्शनी और छोटे वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के दर्दनाक उदाहरण दिखाए गए ताकि लोग भावुक होकर नियमों को अपनाएं।

इस अवसर पर चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष योगेश जैन, ब्रह्माकुमारी परिवार की सदस्य इंदू और रूकमणी, डॉ. के.सी. देवनाथ तथा अधिवक्ता शेखर राम मंच पर उपस्थित रहे। योगेश जैन ने कहा कि व्यावसायिक दृष्टि से भी सड़क सुरक्षा महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुरक्षित सड़कें आर्थिक विकास को गति देती हैं। डॉ. देवनाथ ने स्वास्थ्य के नजरिए से सड़क सुरक्षा को जोड़ा, जबकि अधिवक्ता शेखर राम ने कानूनी दंड के प्रावधानों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में करीब 100 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल थे। अंत में सभी ने सड़क सुरक्षा के संकल्प पर हस्ताक्षर किए और ब्रह्माकुमारी की ओर से योग सेशन का आयोजन किया गया, जो तनावमुक्त ड्राइविंग के लिए उपयोगी साबित हुआ। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह की थीम “एक सड़क सुरक्षा नायक बनें” के अनुरूप था, जो सामूहिक कार्रवाई पर जोर देता है।

ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि ऐसी जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि कोरबा जैसे औद्योगिक शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। जिला प्रशासन ने भी ऐसे सहयोगी प्रयासों की सराहना की है और आगे आने वाले दिनों में और अधिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है।

यह आयोजन न केवल सड़क सुरक्षा पर जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि आध्यात्मिकता और सामाजिक दायित्व को जोड़कर एक नया आयाम भी प्रदान किया। कोरबा के निवासी उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसे प्रयास सड़कों को मौत का जाल बनाने के बजाय जीवन का मार्ग बनाएंगे।