कोरबा। जिले में दक्षिणी पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की दीपका परियोजना खदान क्षेत्र में आज एक सड़क हादसे ने सबको सिहरा दिया। न्यू कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) के पास PQR-1 ड्राइव हाउस के सामने भारी वाहनों की चपेट में आकर एक मोटरसाइकिल सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मृतक किसी निजी कंपनी में लोडर हेल्पर के रूप में कार्यरत पाया गया है, जिसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है, जब खदान परिसर में डंपर और ट्रकों की आवाजाही चरम पर थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार तेज रफ्तार से सड़क पार कर रहा था तभी किसी भारी वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद सड़क पर खून से सन सना नजारा देखने वालों का कलेजा मुनहस हो गया।
स्थानीय पुलिस और एसईसीएल की सुरक्षा टीम ने शव को कब्जे में ले लिया है, लेकिन हादसे के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। संभावना जताई जा रही है कि डंपर या ट्रक की चपेट में आने से यह दुर्घटना हुई।
यह हादसा एसईसीएल की दीपका खदान में सुरक्षा मानकों की पोल खोलने वाला साबित हो रहा है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों, खदान कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने प्रबंधन पर अनियमित वाहन संचालन, ट्रैफिक मॉनिटरिंग की कमी और लंबे समय से लंबित सुरक्षा मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की बेतहाशा दौड़, संकरी सड़कें और अपर्याप्त साइनेज के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। “यदि प्रबंधन समय पर संवेदनशील जोनों का चिन्हांकन करता, वाहनों की स्पीड कंट्रोल के लिए स्पीड ब्रेकर या सिग्नल लगाता, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाता और सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत बनाता, तो ऐसी जिंदगियां बचाई जा सकती थीं,” एक स्थानीय श्रमिक नेता ने बताया।
पिछले कुछ महीनों में दीपका और आसपास के खदान क्षेत्रों में इसी तरह के कई हादसे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें मजदूरों और ग्रामीणों की जानें गई हैं। श्रमिक संगठनों ने इसे ‘मौत का जाल’ करार देते हुए प्रबंधन की लापरवाही को दोषी ठहराया है।
हादसे के तुरंत बाद सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे।
उन्होंने जिला प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन और श्रम विभाग से मांग की है कि:
दुर्घटना की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए।
खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की तत्काल समीक्षा हो।
आम लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं, जैसे ट्रैफिक वार्डन की नियुक्ति, नियमित सुरक्षा ऑडिट और जागरूकता अभियान।
जिला कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एसईसीएल अधिकारियों को नोटिस जारी करने की बात कही है। श्रम विभाग ने भी जांच टीम गठित करने का आश्वासन दिया है।
समाचार लिखे जाने तक एसईसीएल दीपका प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ था। हालांकि, प्रबंधन सूत्रों के अनुसार, मृतक के परिजनों को सहायता राशि प्रदान करने और सुरक्षा उपायों की समीक्षा पर विचार चल रहा है।
मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे खदान क्षेत्र से दूर एक छोटे से गांव में रहते हैं, जहां यह खबर पहुंचते ही सन्नाटा छा गया। स्थानीय लोग और कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार प्रबंधन केवल बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि दृश्यमान सुधार करे।
यह घटना न केवल एक जिंदगी की त्रासदी है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा की अनदेखी का कड़वा सबक भी।
क्या एसईसीएल इस पर गंभीरता से कदम उठाएगा, यह समय ही बताएगा। फिलहाल, दीपका का आकाश शोक में डूबा हुआ है।
Editor – Niraj Jaiswal
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