कोयला श्रमिक संगठन की मांग: क्लर्क ग्रेड-3 के पद बढ़ाएं, 1910 परीक्षार्थियों में से सभी उत्तीर्णों का चयन हो

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में क्लर्क ग्रेड-3 के पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कोयला श्रमिक संगठन ने जोर-शोर से उठाई है। संगठन ने SECL के निदेशक (मानव संसाधन) को पत्र लिखकर 1 नवंबर को आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण सभी 538 से अधिक विभागीय कर्मचारियों का चयन करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि इकाइयों में लिपिक स्टाफ की भारी कमी से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

संगठन के महासचिव व्हीएम मनोहर द्वारा लिखे पत्र में बताया गया कि 1 नवंबर 2025 को क्लर्क ग्रेड-3 की विभागीय परीक्षा में 1910 कर्मचारियों ने भाग लिया, जिनमें 538 सफल हुए। लेकिन वर्तमान रिक्तियां इतनी कम हैं कि सभी योग्य कर्मचारियों का चयन संभव नहीं। संगठन ने मांग की है कि पदों की संख्या बढ़ाकर सभी उत्तीर्णों को मौका दिया जाए, क्योंकि कई कर्मचारी 5 साल से अधिक समय से लिपिक कार्य कर रहे हैं और उनके पास पर्याप्त अनुभव है।

पत्र में तर्क दिया गया कि SECL की विभिन्न इकाइयों में मानव संसाधन बजट के अनुसार 1200 से अधिक क्लर्क पद रिक्त हैं। वरिष्ठ कर्मचारियों की लगातार सेवानिवृत्ति से बाकी स्टाफ पर बोझ बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन संबंधी प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे हैं। मनोहर ने सुझाव दिया कि यदि इन रिक्तियों पर परीक्षा उत्तीर्ण कर्मचारियों का चयन कर लिया जाए तो भविष्य में नई परीक्षा आयोजित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, न ही अतिरिक्त खर्च होगा।

संगठन ने चेतावनी दी कि स्टाफ की कमी से कार्यक्षमता गिर रही है और यह कंपनी के उत्पादन लक्ष्यों पर भी असर डाल रहा है। SECL प्रबंधन से शीघ्र निर्णय की उम्मीद जताई गई है। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद भी प्रमोशन और नियुक्ति में देरी हो रही है।

SECL के एक अधिकारी ने कहा, “मांग पर विचार किया जा रहा है। बजट और आवश्यकता के आधार पर फैसला होगा।” कोयला क्षेत्र में मानव संसाधन संकट लंबे समय से चली आ रही समस्या है, जिसे संगठन अब हल करवाना चाहता है।