बालिकाओं पर अत्याचार का आरोपी सैफ खान गिरफ्तार,सामाजिक संगठनों का दबाव कारगर

कोरबा। तुलसीनगर इलाके में लंबे समय से व्याप्त खौफ का अंत आज कोतवाली पुलिस ने आरोपी सैफ खान की गिरफ्तारी से किया। जानलेवा हमला और पासको एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद गैर-जमानती धाराओं में आरोपी को जेल भेज दिया गया। सामाजिक संगठनों के लगातार दबाव और पुरानी शिकायतों के बाद पुलिस की कार्रवाई से इलाके में राहत की सांस चली।

कोतवाली थाना क्षेत्र के तुलसीनगर में सैफ खान पिता दीनू खान पर क्षेत्र की बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ और घटिया हरकतों का गंभीर आरोप है। हथियार लहराकर वह इलाके में दहशत फैलाता था। दो महीने पहले पीड़ित बालिकाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने से उनका आक्रोश बढ़ता गया। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अमरजीत सिंह को सूचना दी, जिन्होंने मामले को संगठनों तक पहुंचाया।

रविवार को इसी विवाद पर भड़के सैफ ने अमरजीत सिंह पर पत्थरबाजी की और चाकू से उनकी पगड़ी काटने की कोशिश की। यह जानलेवा हमला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भड़का गया। वे कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी के पुराने कारनामों की पूरी जानकारी साझा की। संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की, तो पुलिस ने कई टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश तेज कर दी। आखिरकार, एक अड्डे से सैफ को धर दबोचा गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पासको एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट) के साथ-साथ आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गैर-जमानती धाराओं के कारण उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। एसपी कोरबा ने कहा, “सामाजिक संगठनों के सहयोग से कार्रवाई संभव हुई। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा प्राथमिकता है।”

तुलसीनगर के निवासियों ने राहत जताते हुए कहा, “लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला। अब इलाका सुरक्षित महसूस हो रहा है।” लेकिन पुरानी शिकायतों पर देरी को लेकर पुलिस पर सवाल भी उठे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई से अपराध रुक सकते हैं। कोरबा में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अब और सख्ती की जरूरत है।