मछुआरा समाज बिलासपुर संभाग की बैठक नवागढ़ में संपन्न : एकता और अधिकारों पर जोर

नवागढ़।बिलासपुर संभाग में मछुआरा समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक 9 नवंबर को नगर पंचायत नवागढ़ के कहरा समाज सामुदायिक भवन में सफलतापूर्वक आयोजित हुई। धीवर, निषाद और कहरा समाज के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत भगवान श्री राम के तैलचित्र पर पुष्पार्पण और पूजा-अर्चना से हुई, उसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया गया।

बैठक में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बारी-बारी से अपने विचार रखे। उन्होंने बिलासपुर संभाग में समाज की एकता को मजबूत बनाने पर जोर दिया। चर्चा के दौरान यह उजागर किया गया कि मछुआरा समाज के कई सपूतों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बलिदान दिया, लेकिन किसी भी सरकार ने समाज को विशेष सुविधाएं या योजनाएं नहीं दीं। ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाकर समाज को कमजोर किया गया है। मछली पालन, जो समाज का पैतृक व्यवसाय और जीविका का मुख्य स्रोत है, उसके लिए भी शासन की गलत नीतियों के कारण समाजवासी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब मछुआरा समाज अधिकार मांगने के बजाय उन्हें छीनकर लेगा। इसके लिए पंच, सरपंच, पार्षद, जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसद जैसे पदों पर समाज के प्रतिनिधियों को पहुंचाने का संकल्प लिया गया। समाज को जागरूक करने के लिए तत्काल प्रयास शुरू करने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ निभाने पर सभी सहमत हुए।

बैठक का एक प्रमुख एजेंडा मछुआरा समाज की लंबे समय से चली आ रही आरक्षण की मांग रहा। इस पर विस्तृत चर्चा हुई और इसे एक लंबी लड़ाई बताते हुए अनवरत प्रयास जारी रखने का फैसला लिया गया। प्रदेश स्तर के प्रतिनिधियों से भी बातचीत का प्रस्ताव पारित हुआ। संगठन को मजबूत बनाने के लिए अगले एक माह में मछुआरों की एक और बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी, जिसमें समन्वय समिति का गठन होगा और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

मछुआ महासंघ कल्याण समिति 2577 के हाल ही में हुए विधिवत चुनाव में सुखऊ राम निषाद को अध्यक्ष चुने जाने पर सभी ने उनके कार्यों में सहयोग का वादा किया।

प्रमुख उपस्थित पदाधिकारी: सुखऊ राम निषाद (मछुआ महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष),गणेश राम निषाद (मछुआ महासंघ कोषाध्यक्ष),रामसागर निषाद (अध्यक्ष, निषाद मुलवासी आदिवासी संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश),देवव्रत भीष्म (अध्यक्ष, संभागीय धीवर समाज महासभा बिलासपुर संभाग),वेदप्रकाश धीवर (महासचिव, संभागीय धीवर समाज महासभा),महेत्तर सिंह नाविक (अध्यक्ष, केंवट समाज बरेकेल परिक्षेत्र),कार्तिक केंवट (सचिव, केंवट समाज), राजू केंवट (कोषाध्यक्ष, केवट समाज),शांति लाल केंवट (वरिष्ठ पदाधिकारी, निषाद समाज शिवरीनारायण),राजेश कुमार धीवर (अध्यक्ष, धीवर समाज ट्रस्ट कोरबा),मनीष भीष्म (मीडिया प्रभारी, संभागीय धीवर समाज महासभा), शंकर लाल कहरा (उपाध्यक्ष, मछुआ महासंघ), भागीरथी धीवर (जिला अध्यक्ष, निषाद मुलवासी आदिवासी संघ जांजगीर-चांपा एवं रेंज अध्यक्ष नवागढ़),ताराचंद ढीमर (रेंज उपाध्यक्ष नवागढ़),संतोष कुमार धीवर (केंद्र अध्यक्ष लखुर्री), बसंत कुमार कहरा (धुरकोट),शत्रुघ्न लाल निषाद (बिर्रा), छतराम कहरा (अध्यक्ष, कहरा समाज),पुरषोत्तम धीवर (केंद्र अध्यक्ष खोखरा),शत्रुघ्न लाल धीवर (संरक्षक नवागढ़ रेंज), मुन्ना लाल धीवर (नवागढ़ केंद्र सहसचिव),जवाहर लाल धीवर (केंद्र नवागढ़ कोषाध्यक्ष), कार्तिक राम निषाद, मनोहर लाल केंवट,कन्हैयालाल केंवट,जगन्नाथ कहरा (अध्यक्ष, कहरा समाज नवागढ़),अयोध्या प्रसाद जलतारे, रामकुमार धीवर,जितेन्द्र कुमार जलतारे,खिलावन कहरा सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

मंच संचालन महादेव कटकवार (पूर्व अध्यक्ष, कहरा समाज एवं घनिष्ठ कार्यकर्ता, मछुआ महासंघ) ने किया। अंत में उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर ऐसी बैठकें आयोजित कर समाज को एकजुट किया जाएगा। यह बैठक मछुआरा समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान करने वाली साबित हुई।