मुड़ापार बैरियर पर मुर्गी अपशिष्ट की अवैध डंपिंग से दुर्गंध, लोग बीमार; प्रशासन मौन,निवासियों ने पूछा कब होगा समाधान?

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के पूर्व क्षेत्रीय मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर मुड़ापार बैरियर के पास मुर्गियों और अन्य जानवरों के अपशिष्ट को अवैध रूप से डंप करने से कारोबारियों को विकल्प मिल गया है लेकिन यहां से उठने वाली दुर्गंध के कारण आवाजाही करने वाले और नजदीकी रिहायशी क्षेत्र के लोग बीमार पड़ रहे है। उनकी शिकायत पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

एसईसीएल मुख्य मार्ग पर अवैध डंपिंग में प्रतिदिन मुर्गियों की टांगें, पंख, और अन्य हिस्से यहां फेंके जा रहे हैं। इस गंदगी को फेंकने के बाद कारोबारी वर्ग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। डंपिंग साइट के पास कैरियर पब्लिक स्कूल और घनी बस्ती स्थित है। इस इलाके से दिन-रात लोग गुजरते हैं, लेकिन तेज सड़ांध के कारण उन्हें नाक-मुंह ढककर ही रास्ता पार करना पड़ता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस दुर्गंध से उनका सांस लेना दूभर हो गया है। इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

लोगों ने कहा आखिर कब होगा समाधान
एसईसीएल कर्मी राजकुमार ठाकुर ने बताया कि इस रास्ते से मेरा हर दिन आना-जाना होता है। बाजार और बैरियर के पास पहुंचने से पहले ही हर हाल में मुंह और नाक का विशेष ध्यान देना पड़ता है ताकि इस रास्ते को जितनी जल्द हो सके पार किया जा सके। पाइपलाइन के पास अवैध डंपिंग से उठने वाली दुर्गंध केवल मुझे ही नहीं बल्कि कुछ हर आने आने वाले व्यक्ति को परेशान करती है जिनके लिए यह रास्ता एक विकल्प है।  

जेपी कालोनी निवासी प्रिया कौर ने बताया कि इस मार्ग पर अवैध डंपिंग की वजह से जहां दुर्गंध सबसे बड़ी समस्या है वही इलाके में जीव जंतुओं के कटे-फटे हिस्से फेंक देने से उसे अपने कब्जे में लेने के लिए आकाशीय पक्षी चक्कर लगाते रहते हैं। वह कब किस पर हमला कर दे या राह चलते लोग पर सड़ी गली चीज फेंक दे, इस बात का डर बना रहता है।

कृष्णा नगर क्षेत्र में रहने वाले छोटे सिंह गोप का कहना है कि एसईसीएल क्षेत्रीय मुख्यालय से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा जाने वाले इस रास्ते पर मंत्री से लेकर अधिकारी का आना-जाना होता है।

यह संभव है कि चार पहिया एयर कंडीशन गाड़ी में उन्हें दुर्गंध का पता नहीं चलता होगा लेकिन लोगों से जानकारी जरूर मिलती होगी। आखिर इस समस्या का समाधान करने के साथ कार्रवाई करने का विचार आखिर कब आएगा।