अल्का चंद्राकर और लोक कलाकारों ने बांधा समां: राज्योत्सव के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ी संस्कृति की धूम

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें रजत वर्ष के उपलक्ष्य में घंटाघर ओपन थिएट रमें चल रहे राज्योत्सव -2025 के दूसरे दिन प्रख्यात लोक गायिका अल्का चंद्राकर ने अपनी मधुर आवाज से दर्शकों पर जादू चला दिया।

जसगीत, सुआगीत और लोकगीतों की प्रस्तुति से पूरा मैदान छत्तीसगढ़ी सुरों से गूंज उठा और दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट में झूमने लगे।

अल्का ने मां जगदम्बा की आराधना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की और ‘तरी हरि ना… सुआ लहकत है डार मा’ जैसे लोकप्रिय गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उनके साथ स्थानीय कलाकारों ने भी कमाल दिखाया। इशिता कश्यप, स्नेहा भक्ता, अशवीका साव, अरशिका आर्या, मौली राठौर, मोहम्मद इस्माइल शेख, अपूर्वा सिंह, धारा सोनवानी, पृथा मिश्रा, भारती चौरसिया, मोनिका अग्रवाल, गायत्री दीवान, कृष्ण नंद चौहान, जया राठौर, धनसाय साहू और थिरमन दास ने लोकनृत्य, गीत-संगीत और पारंपरिक कला की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम में नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, डॉ. राजीव सिंह, गोपाल मोदी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की इस जीवंत प्रस्तुति ने राज्योत्सव के दूसरे दिन को यादगार बना दिया।