नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी: प्रोफेसर और कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित 2 गिरफ्तार, 6 फरार

रायगढ़ में पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर एक दिव्यांग युवक से 11.30 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चक्रधरनगर थाना पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें से डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर उत्तरा सिदार और कम्प्यूटर ऑपरेटर संजू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष 6 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पीड़ित अलेन किड़ो (60 वर्ष) ने 25 अक्टूबर 2025 को चक्रधरनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके भतीजे राहुल किड़ो को छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों ने ठगी की। उत्तरा सिदार ने पहले 50 हजार रुपये मांगे, जिसमें से 30 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद संजू यादव ने 20 हजार रुपये लिए और रायपुर निवासी विकास सिदार को रकम देने की बात कही।

पीड़ित ने विकास सिदार सहित अमन यादव, सेवक चौहान, मूलचंद कावर, एस.के. सिंह और गुप्ता को अलग-अलग खातों में कुल 11.30 लाख रुपये ट्रांसफर किए। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता।

चक्रधरनगर पुलिस ने धारा 420, 468, 34 IPC के तहत अपराध दर्ज कर 26 अक्टूबर 2025 को उत्तरा सिदार (50 वर्ष, निवासी कांटाहरदी) और संजू यादव (27 वर्ष, निवासी छोटे अतरमुड़ा) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

यह मामला नौकरी के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है, जिसमें विशेष रूप से कमजोर वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से ऐसी ठगी से सावधान रहने की अपील की है।