सब इंस्पेक्टर के नाम से फर्जी आईडी बनाकर साइबर ठगी, कई लोग बने शिकार

कोरबा जिले में सब इंस्पेक्टर नवल साव के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर लोगों से ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस फर्जी आईडी के जरिए ठगों ने कई लोगों को निशाना बनाया, जबकि कुछ जागरूक लोग ठगी का शिकार होने से बच गए। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है, और साइबर सेल इसकी जांच में जुट गया है।

कोरबा के एसईसीएल कॉलोनी निवासी अतुल यादव को इंस्टाग्राम पर एक फर्जी आईडी से मैसेज आया, जिसमें ठग ने खुद को सब इंस्पेक्टर नवल साव बताकर ₹15,000 की मांग की और दो दिन में वापस करने का वादा किया। ठग ने मोबाइल नंबर भेजकर फोन पर बात करने का दबाव बनाया, लेकिन अतुल को शक हुआ और उसने नंबर पर संपर्क किया, जो बंद मिला।

इसके बाद अतुल ने पुलिस को सूचना दी। सब इंस्पेक्टर नवल साव ने स्पष्ट किया कि उनके नाम से फर्जी आईडी बनाकर ठगी की जा रही है और कई लोग इसका शिकार हो चुके हैं।

बुधवारी निवासी सुमित दास महंत ने भी बताया कि उनके पास भी फर्जी आईडी से रिश्तेदार बनकर पैसे की मांग की गई, लेकिन उन्होंने इसे पहचान लिया। नवल साव, जो पहले कोरबा में सीएसईबी चौकी प्रभारी रह चुके हैं और वर्तमान में रायपुर में पदस्थ हैं, ने लोगों से अपील की है कि उनके नाम से कोई मैसेज या पैसे की मांग आए तो सावधान रहें और तुरंत थाना, चौकी या साइबर सेल में शिकायत करें।

कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि पुलिस साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को साइबर अपराधों से बचने की जानकारी दी जा रही है। ठग अक्सर पुलिसकर्मी, बैंक अधिकारी या रिश्तेदार बनकर लोगों को ठगते हैं।

इसके अलावा, स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को बैड टच और गुड टच के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।