जुआ छापेमारी के दौरान कुएं में गिरा युवक, मौत से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा: जयनगर थाने में तोड़फोड़, हाईवे जाम

सूरजपुर। दीपावली की रौनक के बीच सूरजपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। जयनगर थाना क्षेत्र के कुंजनगर में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस की छापेमारी के दौरान एक युवक भागते हुए कुएं में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जयनगर थाने पर हमला बोल दिया, तोड़फोड़ मचाई और नेशनल हाईवे-43 को जाम कर दिया। रातभर चले हाईवोल्टेज हंगामे में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि ग्रामीणों ने पुलिस पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए।

घटना रविवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।

मुखबिर की टिप पर जयनगर थाने की पुलिस टीम कुंजनगर पहुंची, जहां नेशनल हाइवे के किनारे एक बड़ा जुआ फड़ चल रहा था। पुलिस को देखते ही जुआरी इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी में एक युवक कुएं में गिर पड़ा। मौके पर पहुंची टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई के कारण बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार वह इलाके का निवासी था।


ग्रामीणों का फूटा आक्रोश: थाने पर धावा, महिलाओं ने भी लाठियां भांजी

युवक की मौत की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण जयनगर थाने पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने थाना प्रभारी रूपेश कुंतल समेत कई पुलिसकर्मियों पर डंडों, लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। महिलाओं ने भी हंगामे में हिस्सा लिया और पुलिसकर्मियों पर डंडे बरसाए। थाने के अंदर घुसकर ग्रामीणों ने कुर्सियां, टेबलें तोड़ीं, खिड़कियों के शीशे फोड़े और दस्तावेज बिखेर दिए। हंगामा रात 10 बजे से सुबह 1 बजे तक चला, जिसमें ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी की।

नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-43 को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उनका मुख्य आरोप था कि पुलिस ने जुआ पकड़ने के बहाने छापेमारी की, लेकिन वास्तव में अवैध वसूली का इरादा था। ग्रामीणों का कहना था कि पहले भी जुआ मामलों में पुलिस पर ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं। “पुलिस ने जानबूझकर घेराबंदी की, जिससे यह हादसा हुआ। दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो,” एक ग्रामीण ने कहा।

पुलिस ने कसी नकेल: फोर्स तैनात, शांत करने की कोशिश नाकाम

मामले की गंभीरता को भांपते हुए सूरजपुर एसएसपी ने तुरंत विश्रामपुर, भटगांव और अन्य थानों से पुलिस फोर्स बुलाई। जिला बल के जवान मौके पर पहुंचे और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मृतक के शव को तत्काल कुएं से निकालने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। रात में लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिसमें कुछ ग्रामीण घायल बताए जा रहे हैं।

सोमवार सुबह स्थिति और बिगड़ गई। मृतक का शव कुएं से निकालने के बाद ग्रामीणों ने उसे सड़क पर रखकर धरना शुरू कर दिया। पूर्व विधायक समेत स्थानीय नेता भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। हाईवे पर चक्काजाम के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जिला प्रशासन ने मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। एसपी ने कहा, “घटना दुखद है, जांच पूरी होने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

जुआ पर सख्ती के बीच बढ़ते विवादछत्तीसगढ़ में त्योहारों के दौरान जुआ फड़ों पर पुलिस की सख्ती बढ़ जाती है, लेकिन ऐसी छापेमारियों में अक्सर विवाद हो जाते हैं।

ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस जुआ पकड़ने के नाम पर पैसे वसूलती है, जिससे लोग भागते हैं और हादसे होते हैं।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है। प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है ताकि दिवाली का जश्न शांतिपूर्ण रहे।