दीपका में भ्रष्टाचार का बम फटा: एसईसीएल के सरकारी क्वार्टर बने नेताओं और ठेकेदारों की “आरामगाह”

दीपका। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के दीपका क्षेत्र में एक बार फिर भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों और सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों के लिए बनाए गए सरकारी क्वार्टर अब प्रबंधन के चहेतों, रिश्तेदारों, बाहरी शिक्षकों और ठेकेदारों के लिए “विश्राम स्थल” बन चुके हैं। यहाँ तक कि 39 बाहरी लोगों को नियमों को ताक पर रखकर आवास आवंटित किए गए हैं, जबकि 37 क्वार्टरों पर अवैध कब्जे की पुष्टि खुद प्रबंधन ने की है।


कर्मचारी संगठनों में इस बात को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि प्रबंधन ने कर्मचारियों के हक को छीनकर सिफारिशों और रसूख के आधार पर क्वार्टर बांटे हैं। RTI दस्तावेजों ने खुलासा किया है कि विधायक प्रतिनिधियों, ठेकेदारों (जिनका कोई सक्रिय ठेका नहीं), और बाहरी शिक्षकों को “मौन स्वीकृति” के साथ क्वार्टर दिए गए हैं, जबकि कर्मचारी सालों से प्रतीक्षा सूची में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का सवाल है, “क्या दीपका कोल क्षेत्र अब कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि पावर लॉबी का निजी ज़ोन बन गया है?” कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया कि इस हेराफेरी में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का सीधा संरक्षण है।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही गैर-एसईसीएल लोगों से क्वार्टर खाली नहीं कराए गए, तो मुख्यालय का घेराव और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रबंधन पर सवालों की बौछार हो रही है: नियमों का पालन होगा या सिफारिशों का बोलबाला रहेगा? कर्मचारियों का गुस्सा साफ है, “क्वार्टर कर्मियों के लिए हैं या नेताओं के लिए?” अब देखना यह है कि दीपका प्रबंधन इस भ्रष्टाचार के बम को कैसे डिफ्यूज करता है।

दीपका प्रबंधन से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कर्मचारी संगठन जल्द ही इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी में हैं।