SECL कर्मचारी से 11 लाख की ठगी: SP और SECL अधिकारियों के नाम पर उगाही, प्रवीण झा पर आरोप

कोरबा। दक्षिण पूर्व कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की बल्गी परियोजना में कार्यरत 59 वर्षीय कर्मचारी दीनदयाल को नौकरी से निकाले जाने का डर दिखाकर एक ठग ने कोरबा पुलिस अधीक्षक (SP) और SECL के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर 11 लाख 10 हजार रुपये की ठगी की। पीड़ित ने इस मामले में बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें प्रवीण झा नामक व्यक्ति पर भयादोहन और ठगी का आरोप लगाया गया है।


कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी? दीनदयाल, जो बल्गी परियोजना में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं और बल्गी कॉलोनी, MQ D-8 में निवास करते हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि सितंबर 2024 में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को प्रवीण झा, पिता रामानंद, निवासी तैया मस्जिद के पास, बिलासपुर के रूप में पेश किया। प्रवीण ने दीनदयाल को धमकाते हुए कहा कि वह बल्गी में फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे हैं और उनकी शिकायत विभिन्न कार्यालयों में भेजकर उनकी नौकरी खत्म करा दी जाएगी। डराने के लिए उसने बड़े पुलिस अधिकारियों और SECL के वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय होने का दावा किया। प्रवीण ने कहा कि अगर दीनदयाल 8 लाख रुपये दे दें, तो वह कोई कार्रवाई नहीं करेगा और मामला रफा-दफा कर देगा।

भयभीत दीनदयाल ने प्रवीण से मिलने की इच्छा जताई। प्रवीण ने उन्हें दीपका थाने के पास मिलने बुलाया। अगले दिन दीनदयाल अपने मित्र सावना, जो SECL से रिटायर्ड कर्मचारी हैं, के साथ वहां पहुंचे। प्रवीण अकेले मौजूद था और उसने दावा किया कि उसके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जिनके आधार पर वह दीनदयाल की नौकरी खत्म करा सकता है। डर के मारे दीनदयाल ने पूछा कि वह क्या चाहता है। प्रवीण ने 8 लाख रुपये देने की शर्त पर मामले को दबाने का वादा किया। इसके बाद दीनदयाल ने नवंबर 2024 तक किश्तों में प्रवीण को 5 लाख रुपये नकद दे दिए।

SP और SECL अधिकारियों के नाम पर फिर उगाही ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 23 दिसंबर 2024 को प्रवीण ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर फिर से धमकी दी कि वह विभिन्न अधिकारियों को शिकायत भेजेगा। जब दीनदयाल ने उससे बात की, तो प्रवीण ने दावा किया कि वह उनकी बात मानकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, लेकिन कोरबा SP इस मामले में सख्ती बरत रहे हैं और उन्हें 2.5 लाख रुपये देने होंगे। दीनदयाल ने तत्काल इतनी राशि देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद प्रवीण ने कुछ महीनों की मोहलत दी। जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक दीनदयाल ने किश्तों में 2.5 लाख रुपये नकद प्रवीण को दे दिए।

10 लाख की मांग और चेक की चालाकी अगस्त 2025 में प्रवीण ने फिर से संपर्क किया और दावा किया कि उसने SP और SECL अधिकारियों को शिकायत पत्र भेज दिया है। उसने कहा कि SECL अधिकारी अब 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं, अन्यथा जांच में दीनदयाल की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। दीनदयाल ने इतनी बड़ी राशि देने से इनकार किया, लेकिन प्रवीण की धमकियों के आगे झुकते हुए 5 सितंबर 2025 को उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक, बल्गी शाखा का 2.5 लाख रुपये का चेक प्रवीण को दे दिया। हालांकि, दीनदयाल ने चालाकी दिखाते हुए चेक पर तारीख 07/05/2025 के बजाय 07/05/2026 लिख दी, ताकि प्रवीण तुरंत राशि न निकाल सके। इस कारण प्रवीण उक्त चेक से पैसे नहीं निकाल पाया।

कुल 11 लाख 10 हजार की ठगी प्रवीण झा ने दीनदयाल से कुल 8 लाख 60 हजार रुपये नकद और 2.5 लाख रुपये का चेक हड़प लिया, जिसका कुल मूल्य 11 लाख 10 हजार रुपये है। दीनदयाल ने अपनी शिकायत में बताया कि प्रवीण ने लगातार भयादोहन के जरिए उनसे यह राशि वसूली। अब उन्होंने पुलिस अधीक्षक से प्रवीण झा के खिलाफ अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

लोगों में डर और जागरूकता की जरूरत

पुलिस की कार्रवाई की प्रतीक्षा दीनदयाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रवीण झा के खिलाफ जांच शुरू करने की बात कही है। इस मामले ने कोरबा में सनसनी फैला दी है, क्योंकि इसमें पुलिस और SECL के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर ठगी की गई। पुलिस ने पीड़ित को आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

यह घटना कोरबा में अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर ठगी करने का एक गंभीर मामला सामने लाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुलिस ऐसे ठगों के खिलाफ सख्ती बरते और आम जनता को इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक किया जाए।