कोरबा।कटघोरा ब्लॉक के मूलनिवासी संघ अध्यक्ष राजेश जायसवाल के नेतृत्व में मलगांव के मूलनिवासियों ने एसईसीएल प्रबंधन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भू-अर्जन से पहले एसईसीएल ने कई वायदे किए थे, लेकिन अर्जन के बाद उनसे मुकर गया, जिससे ग्रामीण ठगे महसूस कर रहे हैं। भारी बरसात के दौरान मलगांव के मूलनिवासियों के घर तोड़ने का मामला भी सामने आया, जिसमें एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप है। आरोप है कि सच्चाई छिपाने के लिए गांव को ही बुलडोजर से रौंद दिया गया।
ग्रामीणों ने 152 काल्पनिक मकानों की सूची मांगी, लेकिन प्रशासन और प्रबंधन ने मौन साध रखा है। कहा जा रहा है कि यदि यह सूची जारी हुई तो अधिकारी भी फंस सकते हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि ये मकान काल्पनिक थे और फिर भी उनका मुआवजा बना, तो इसका मतलब सिस्टम से जुड़े लोग भी इस घोटाले में शामिल हैं। यदि विस्थापितों को जेल की सजा मिलती है, तो आरोपी अधिकारी भी नहीं बचेंगे।
यह मामला एसईसीएल दीपका विस्तार परियोजना से जुड़ा है, जहां भूमि अर्जन के दौरान 63.795 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई थी। हालिया जांच में 78 मकान एसईसीएल की सूची में काल्पनिक पाए गए, जबकि राजस्व जांच में 74 और ऐसे मकान सामने आए। कटघोरा एसडीएम ने एसईसीएल को मुआवजा निरस्त करने का पत्र लिखा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
Editor – Niraj Jaiswal
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