बीमा कर्मचारी संगठन का विदेशी निवेश के खिलाफ प्रदर्शन, निजीकरण पर जताई चिंता

कोरबा।बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और निजीकरण की कोशिशों के खिलाफ कोरबा के पाटीदार भवन में बीमा कर्मचारी संगठन ने एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया। इस दौरान बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए संगठन ने रैली निकाली और इन नीतियों को समाप्त करने की मांग की। 

सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। संगठन के महासचिव धर्मराज महापात्र ने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि एलआईसी का व्यवसाय 40 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि कर्मचारियों की संख्या 43 प्रतिशत रह गई है।

निजीकरण के नाम पर सार्वजनिक उद्योगों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है और बीमा क्षेत्र को भी निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है। संसद के शीतकालीन सत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने और आईपीओ को प्रोत्साहन देने के फैसले का बीमा कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे हैं। 

सह सचिव प्रसुन तिवारी ने बताया कि सम्मेलन में आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में संगठन के बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे और बीमा क्षेत्र में निजीकरण के खिलाफ एकजुटता दिखाई।

यह आंदोलन बीमा कर्मचारियों की आवाज को और बुलंद करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।