50 हजार और गाड़ी न देने पर डीपीओ की प्रताड़ना, दिव्यांग परियोजना अधिकारी ने सीएम से की शिकायत

कोरबा।कोरबा जिले में आईसीडीएस की डीपीओ रेणु प्रकाश की मनमानी और प्रताड़ना से परेशान परियोजना अधिकारी ग्रामीण ममता तुली ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विभागीय मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े से शिकायत की है।

50 फीसदी विकलांग तुली ने आरोप लगाया है कि तबादला हो चुकी डीपीओ उन्हें रिलीज नहीं कर रही और 50 हजार रुपये व गाड़ी न देने के बहाने लगातार परेशान कर रही हैं। इसकी वजह से उनका और उनके दिव्यांग पति का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।

बताया गया कि डीपीओ का तबादला दूसरे जिले में हो चुका है, लेकिन रिलीज न होने से तुली को कार्यालयीन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 8 अक्टूबर को समीक्षा बैठक के नाम पर डीपीओ ने दोपहर 3 बजे बुलाया, लेकिन रात 8 बजे तक फोन पर परेशान किया।

बाद में विभागीय योजनाओं का बजट देने के बहाने 50 हजार रुपये की मांग की गई और कर्मचारी शिव शर्मा को रुपये लाने का जिम्मा सौंपा। तुली के इनकार पर अगले दिन फिल्ड विजिट के नाम पर गाड़ी की मांग की गई।

शिकायत में तुली ने अवकाश प्रकरण का भी जिक्र किया।

14 अक्टूबर 2022 से 15 जुलाई 2023 तक स्वास्थ्य कारणों से 180 दिनों का अवकाश लिया था, लेकिन तत्कालीन डीपीओ प्रीति खोखर ने केवल 34 दिन स्वीकृत किया। शेष अवकाश का मामला अटका है और इसमें भी रुपये की मांग हो रही है।

जुलाई 2025 में नोनी-बाबू जतन केंद्र के लिए लेमरू के दो स्थानों पर स्वीकृति दी गई थी, लेकिन 19 सितंबर 2025 को पत्र और व्हाट्सएप से अवकाश दिवसों का हवाला देकर कार्यकर्ता चयन पर पुनर्विचार की बात कही गई। सरपंच ने 6 अक्टूबर को सूचित किया कि योग्य महिला उपलब्ध नहीं है, लेकिन डीपीओ ने इसे नहीं माना।

36 वर्ष की सेवा में कभी समस्या न होने का दावा करते हुए तुली ने कहा कि डीपीओ के कारण अपमान और तनाव से स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। यदि उनके या पति के जीवन पर कोई बुरा असर पड़ता है, तो डीपीओ जिम्मेदार होंगी। इस शिकायत पर विभाग स्तर पर जांच की उम्मीद है।