विजय सेंट्रल कोल ब्लॉक आवंटन पर ग्रामीण नाराज, ग्राम सभा अधिकारों का हवाला देकर राष्ट्रपति-राज्यपाल को ज्ञापन

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) चिरमिरी क्षेत्र के अंतर्गत विजय सेंट्रल कोल ब्लॉक से कोयला निकालने की अनुमति पश्चिम बंगाल की रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। इस फैसले के खिलाफ आसपास की पंचायतों के ग्रामीणों ने जोरदार विरोध दर्ज किया है। उन्होंने ग्राम सभा के अधिकारों का उल्लंघन और पर्यावरणीय क्षति का हवाला देते हुए कार्यपालक दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

पसान के कार्यपालक दंडाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। विकासखंड पोड़ी की ग्राम पंचायतों पुटीपखना,जल्के, तनेरा, सेन्हा सहित आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के निवासियों का आरोप है कि ग्राम सभा में न तो कोई प्रस्ताव पारित हुआ और न ही कोई अन्य प्रक्रिया पूरी की गई।

इसके बावजूद कंपनी को 725 एकड़ जमीन आवंटित कर आगे का काम शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला खदान से घने जंगलों की कटाई होगी, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। साथ ही, कंपनी के अधिकारी ग्राम सभाओं से पक्ष में प्रस्ताव पारित कराने के लिए दबाव बना रहे हैं।

इस मुद्दे पर ग्रामीणों ने तहसीलदार को भी ज्ञापन दिया।

पसान तहसीलदार ने बताया कि निजी कोयला खदान से जुड़े इस मामले में लोगों ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा है, जिसे उच्च अधिकारियों को आगे भेज दिया जाएगा।

कोरबा जिले में कोल परियोजनाओं से संबंधित विवाद पहले से ही चल रहे हैं, और अब विजय सेंट्रल कोल ब्लॉक इसकी एक और कड़ी बन गया है। देखना होगा कि भारत सरकार द्वारा आवंटित इस ब्लॉक का आगे का रास्ता सुगम होता है या जटिल।