कोरबा। आयुष मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) डिग्रीधारी चिकित्सकों को प्राथमिक चिकित्सा के साथ-साथ एलोपैथी दवाओं के उपयोग का अधिकार है।
इस संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए कोरबा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बीएएमएस चिकित्सकों के अधिकारों को राजपत्र में प्रकाशित किया गया है और हाईकोर्ट में दायर उनकी याचिका के आदेश भी इसकी पुष्टि करते हैं।
डॉ. राघवेंद्र ने कहा कि बीएएमएस चिकित्सक न केवल आयुर्वेदिक उपचार में पारंगत हैं,बल्कि वे कई बड़े अस्पतालों में प्राथमिकचिकित्सा,मलेरिया,डेंगू जैसी बीमारियों के इलाज में एलोपैथी का उपयोग भी कर रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की चिरायु योजना सहित कई स्वास्थ्य योजनाओं का सफल क्रियान्वयन बीएएमएस डॉक्टरों के योगदान पर निर्भर है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इन चिकित्सकों की डिग्री का मूल्यांकन गहन विचार के बाद किया गया है, तो उनके अधिकारों पर सवाल उठाना अनुचित है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयुष मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा सहित अन्य चिकित्सक भी उपस्थित थे।
एसोसिएशन ने बीएएमएस चिकित्सकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए समाज में उनके योगदान को मान्यता देने की मांग की।
यह आयोजन बीएएमएस चिकित्सकों के अधिकारों और उनकी क्षमताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
Editor – Niraj Jaiswal
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