उरगा-कुसमुंडा नई रेल लाइन को माल यातायात के लिए मंजूरी, छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में उरगा से कुसमुंडा तक 12.637 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल लाइन का निर्माण पूरा हो गया है।

यह रेल खंड छत्तीसगढ़ ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर (गेवरा रोड–पेन्ड्रा रोड) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 30 सितंबर 2025 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने इस खंड को माल यातायात के लिए अधिकृत किया।

29 सितंबर 2025 को उच्च स्तरीय समिति ने इस रेल खंड का निरीक्षण कर ज्वाइंट सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया, जिसमें इसे माल परिवहन के लिए पूर्णतः सुरक्षित घोषित किया गया।

रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 22(1) के तहत सभी प्रावधानों का पालन करने के बाद इस खंड पर प्रारंभिक गति सीमा 30 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जिसे भविष्य में चरणबद्ध रूप से 75 किमी प्रति घंटा और फिर 110 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाया जाएगा।

इस नई रेल लाइन के शुरू होने से कोरबा स्टेशन पर भीड़-भाड़ कम होगी और क्षेत्र में माल परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यह रेल खंड कोयला उत्पादन क्षेत्रों और उद्योगों को निर्बाध परिवहन सुविधा प्रदान करेगा,जिससे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास और खनिज संपदा के परिवहन को गति मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।