पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर नजरबंद:धरना रोकने प्रशासन का हाउस अरेस्ट,वीडियो में भड़के नेता – छत्तीसगढ़ में सियासी हंगामा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर एक बार फिर अपने पूरे तेवर में नजर आ रहे हैं। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग को लेकर अपनी ही भाजपा सरकार के खिलाफ धरना देने की तैयारी में जुटे कंवर को प्रशासन ने सुबह से ही हाउस अरेस्ट कर लिया है। शुक्रवार को कोरबा से रायपुर पहुंचे कंवर को एम्स के पास गहोई भवन में ठहराया गया, जहां मुख्य द्वार बंद कर उनके समर्थकों समेत सभी को भवन के अंदर ही रोक दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कंवर गेट से बाहर निकलने के लिए व्याकुल नजर आ रहे हैं। कुर्सी पर चढ़कर स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए वे कहते दिखे, “दादागिरी नहीं चलेगी।”

वीडियो में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनकी गरमागर्म बहस भी कैद हुई है, जिसमें कंवर नजरबंदी के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

उनके सहायकों के मुताबिक, यह कार्रवाई धरना रोकने की साजिश है, जबकि कंवर ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर 3 दिनों में कलेक्टर न हटे तो वे मुख्यमंत्री निवास के सामने सड़क पर उतरेंगे।

यह विवाद 22 सितंबर से चल रहा है, जब कंवर ने कोरबा कलेक्टर पर 14 गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था। आरोपों में समर्थकों को टारगेट कर राइस मिल-पेट्रोल पंप सील करना, वरिष्ठ पत्रकार के घर पर बुलडोजर चलाना और हिटलरशाही जैसी कार्रवाइयां शामिल हैं।

सरकार ने बिलासपुर कमिश्नर से जांच रिपोर्ट मंगाई है, जो शुक्रवार को सौंपी जानी थी, लेकिन कंवर इससे असंतुष्ट हैं। सीएम ने रात में कंवर से फोन पर बात की और धरना न देने की सलाह दी, मगर कंवर अड़े हुए हैं।

कंवर की नजरबंदी से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। उनके समर्थक इसे “अपमानजनक” बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है। भाजपा के अंदर भी यह घटना सरकार और पुराने नेताओं के बीच दरार को उजागर कर रही है।

प्रशासन की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि कंवर का अगला कदम क्या होगा – क्या वे हाउस अरेस्ट तोड़कर सड़क पर उतरेंगे या बातचीत से मामला सुलझेगा? फिलहाल, रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।