वाराणसी की रामलीला ने कोरबा में छोड़ी अमिट छाप, दशहरा उत्सव में बोले लखन- अहंकार की हार निश्चित

कोरबा। आधुनिक मनोरंजन के दौर में भी वाराणसी की प्रसिद्ध रामलीला ने कोरबा में अपनी अनूठी छाप छोड़ी। नगर निगम द्वारा आयोजित 5 दिवसीय रामलीला का समापन दशहरा के दिन ओपन थिएटर में हुआ, जिसमें हजारों दर्शकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लाइट और साउंड के शानदार प्रदर्शन के साथ बनारस के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।

समापन समारोह में उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कथा हमें सिखाती है कि अधर्म और अहंकार कितना भी शक्तिशाली हो, उसकी हार निश्चित है।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने इसे सौभाग्य बताते हुए कहा कि रामलीला बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है।

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने दर्शकों की भारी भीड़ और कलाकारों की प्रतिभा की सराहना की, इसे गिलहरी जैसे छोटे प्रयास का विराट स्वरूप बताया।

आयोजन समिति के सचिव अशोक चावलानी ने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन प्रभु श्रीराम की कथा को जन-जन तक पहुंचाने का उत्कृष्ट माध्यम हैं।

कार्यक्रम में पार्षद नरेन्द्र देवांगन, कैलाश नाहक, डॉ.नागेन्द्र शर्मा, प्रफुल्ल तिवारी, जोन कमिश्नर भूषण उरांव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।