नवरात्रि अष्टमी पर महागौरी स्वरूप में कन्या पूजन, भक्ति और नारी सम्मान का संदेश

कोरबा।नवरात्रि के अष्टमी पर्व पर मंगलवार को कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से कन्या पूजन किया। इस दौरान कन्याओं को महागौरी स्वरूप मानकर उनकी पूजा की गई, भोजन कराया गया और दक्षिणा अर्पित की गई। कुछ क्षेत्रों में यह परंपरा बुधवार को भी निभाई जाएगी।

श्रद्धालु अपनी परंपरा और संकल्प के अनुसार तिथियों का पालन कर कन्या पूजन कर रहे हैं। शिक्षिका लक्ष्मी तिवारी ने कहा कि नवरात्रि में भक्ति और भावना को सर्वोपरि माना जाता है। कन्या पूजन की तिथि से ज्यादा महत्वपूर्ण श्रद्धालु का समर्पण है।

साहित्यकार गायत्री शर्मा ने बताया कि नवरात्रि में नौ वर्ष तक की कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर पूजन, भोजन और दक्षिणा देने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी प्रतीक है।

गायत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि नवरात्रि समाज में नारी शक्ति के प्रति विकृत दृष्टिकोण को बदलने का अवसर देता है। उन्होंने अपील की कि नारी सम्मान की भावना को केवल पर्व तक सीमित न रखकर हर समय अपनाया जाए।

कन्या पूजन के इस आयोजन ने कोरबा में धार्मिक उत्साह के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी फैलाया। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प दोहराया।