श्रीराम में निहित है राष्ट्र मंगल की कामना, बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य

कोरबा।कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा आयोजित रामलीला के अवसर पर चित्रकूटधाम से पधारे तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम की जीवनलीला के मंचन और दर्शन मात्र से मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते हैं।

उन्होंने कोरबा में बनारस की मंडली द्वारा किए जा रहे रामलीला मंचन की सराहना करते हुए कहा कि दक्षिण कौशल,मां कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ के व्यवसायिक नगरी कोरबा में यह आयोजन मन को आनंदित करता है।

महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि ‘राम’ शब्द में रामत्व के साथ-साथ राष्ट्र के मंगल की भावना समाहित है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों का मंगल होगा। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभाने वाले पात्र को हमेशा पवित्रता का आचरण करना चाहिए। आयोजन के दूसरे दिन श्रीराम वन गमन, केवट प्रसंग, दशरथ देवलोक गमन और भरत मिलाप जैसे प्रसंगों का सुंदर मंचन किया गया।

कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजुदेवी राजपूत और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने जगद्गुरु का स्वागत किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर सत्येंद्रनाथ दुबे,मुरलीधर माखीजा,मृगेश यादव,कैलाश नाहक,चंद्रकुमार श्रीवास्तव,रणधीर पांडेय, कमलेश यादव,अशोक शर्मा, राजकुमार देवांगन, विष्णुशंकर मिश्रा और श्रेष्ठ सिंह ठाकुर सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।