प्रेम है ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग:रामभद्राचार्य

कोरबा।पद्म विभूषण और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कोरबा के भवानी मंदिर परिसर में चल रही राम कथा में कहा कि प्रेम ही ईश्वर तक पहुंचने का सबसे आसान और शुद्ध मार्ग है।

नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित इस कथा में उन्होंने आडंबर और दिखावे की बजाय मनोयोग और निर्विकार भक्ति पर जोर दिया। रामभद्राचार्य महाराज ने तत्व दर्शन और मीमांसा के साथ-साथ कई दृष्टांतों के माध्यम से भक्तों का मार्गदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि अतीत में कई सामान्य लोगों ने प्रेम और श्रद्धा के बल पर भगवत प्राप्ति की और ईश्वर के दर्शन किए। आज के युग में भी आस्था के साथ-साथ शुद्ध और निश्छल भक्ति की आवश्यकता है। कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अवतार से लेकर मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने भगवान राम के जीवन और आदर्शों को जीवंत उदाहरणों के साथ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस कथा के आयोजन में ज्योति पाण्डेय, चंद्रशेखर पाण्डेय, विभूति महाराज, वेदभूषण द्विवेदी परिवार सहित अनेक शुभचिंतकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कथा श्रवण के लिए कोरबा जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे।

नवरात्र के इस पवित्र अवसर पर आयोजित यह कथा भक्ति औरआध्यात्मिकता का अनूठा संगम बन गई,जिसने श्रोताओं में ईश्वर के प्रति प्रेम और श्रद्धा को और गहरा किया।