कोरबा मेडिकल कॉलेज: सड़क हादसे पीड़ितों की सहायता के लिए परिवहन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण, कैशलेस उपचार योजना पर जोर

कोरबा।कोरबा जिले में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को त्वरित और प्रभावी उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ‘कैशलेस उपचार योजना 2025’ के तहत व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज हो गई है।

इस कड़ी में परिवहन विभाग की एक टीम ने मंगलवार को कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। टीम ने अस्पताल प्रशासन से पीड़ितों की सहायता के लिए उपलब्ध सुविधाओं, उपचार प्रक्रियाओं और संभावित कमियों की जानकारी ली।

यह निरीक्षण राज्य सरकार के निर्देशों के अनुपालन में किया गया,जिसमें परिवहन विभाग को सड़क सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया गया है।

परिवहन विभाग के निरीक्षक के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल में सड़क हादसे पीड़ितों के लिए निर्धारित पैरामीटर्स की जांच की। इनमें ‘गोल्डन आवर’ के दौरान तत्काल उपचार, नकद-रहित इलाज की सुविधा और ट्रॉमा केयर की व्यवस्था शामिल हैं। योजना के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक नामित अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। टीम ने पाया कि अधिकांश पैरामीटर्स पर अस्पताल पहले से ही कार्यरत है, लेकिन एक-दो बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता बताई गई, जिन्हें शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया गया।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने बताया, “हमने योजना के सभी निर्धारित मानकों पर पहले से काम शुरू कर दिया है। टीम द्वारा इंगित कुछ बिंदुओं पर तत्काल व्यवस्था की जाएगी।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में कुछ मामलों में शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनका समुचित निपटारा कर लिया गया है।

डॉ. कंवर ने कहा कि यह योजना सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, खासकर जब विलंबित उपचार के कारण कई जानें बचाई जा सकती हैं।

याद रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में कोरबा को सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिली थी। वर्तमान में पुराने हंड्रेड बेड्स अस्पताल की इमारत में इसका संचालन अस्थायी रूप से हो रहा है, जबकि नई इमारत नकटीखार क्षेत्र में निर्माणाधीन है। यहां चिकित्सा शिक्षा भी सुचारु रूप से चल रही है। भविष्य में कोरबा स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरेगा, जहां सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष फोकस रहेगा।

यह निरीक्षण न केवल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसी तरह के निरीक्षण अन्य जिलों में भी जारी रहेंगे, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।